घट रहे कोरोना के मामले, भारत में 24 घंटे में कोविड-19 से सबसे कम 145 लोगों की मौत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   11:34
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घट रहे कोरोना के मामले, भारत में 24 घंटे में कोविड-19 से सबसे कम 145 लोगों की मौत

भारत में आठ महीने बाद 24 घंटे में कोविड-19 से सबसे कम 145 लोगों की मौत हुई है।आंकड़ों के अनुसार, कुल 1,02,11,342 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के साथ ही देश में मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 96.59 प्रतिशत हो गई।

नयी दिल्ली। भारत में इस महीने में दूसरी बार एक दिन में कोविड-19 के 14 हजार से कम नए मामले सामने आए हालांकि नए मामलों के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,05,71,773 हो गई। वहीं एक दिन में 145 और मरीजों की मौत हुई, जो पिछले करीब आठ महीने में सबसे कम है। केन्द्रीय स्वास्थय मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार देश में एक दिन में कोविड-19 के 13,788 नए मामले सामने आए। इससे पहले 12 जनवरी को 12,548 नए मामले सामने आए थे। वहीं 145 और लोगों की वायरस से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,52,419 हो गई। आंकड़ों के अनुसार, कुल 1,02,11,342 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के साथ ही देश में मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 96.59 प्रतिशत हो गई।

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वहीं कोविड-19 से मृत्यु दर 1.44 प्रतिशत है। देश में वायरस के उपचाराधीन मरीजों की संख्या तीन लाख से कम ही है। कुल 2,08,012 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 1.97  प्रतिशत है। भारत में सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख के पार चली गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे। भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार देश में 17 जनवरी तक कुल 18,70,93,036 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई। उनमें से 5,48,168 नमूनों की जांच रविवार को की गई।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


तृणमूल कांग्रेस सत्ता में लौटेगी, बंगाल के लोग अपनी बेटी की वापसी चाहते हैं: प्रशांत किशोर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 27, 2021   18:41
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तृणमूल कांग्रेस सत्ता में लौटेगी, बंगाल के लोग अपनी बेटी की वापसी चाहते हैं: प्रशांत किशोर

उन्होंने कहा कि राज्य के लोग चाहते हैं कि उनकी बेटी सत्ता में वापस आए और दो मई को चुनाव परिणामों की घोषणा होने के साथ उनके इस ट्वीट को निकाल कर लोग देख सकते हैं।

कोलकाता। रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में लौटने का शनिवार को भरोसा जताते हुए कहा कि राज्य के लोग अपनी असली नेता की सत्ता में वापसी कराने का मन बना चुके हैं। राज्य में 27 मार्च से 29 अप्रैल तक आठ चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं। मतगणना दो मई को होगी। किशोर की टीम ‘आई-पैक’ तृणमूल कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान की योजना बनाने की जिम्मेदारी संभाल रही है। किशोर ने अपने एक ट्वीट में कहा कि देश में लोकतंत्र के लिए मुख्य मुकाबला पश्चिम बंगाल में होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग चाहते हैं कि उनकी बेटी सत्ता में वापस आए और दो मई को चुनाव परिणामों की घोषणा होने के साथ उनके इस ट्वीट को निकाल कर लोग देख सकते हैं।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘भारत में ‘लोकतंत्र के लिए’ एक महत्वपूर्ण लड़ाई पश्चिम बंगाल में लड़ी जाएगी और बंगाल के लोग अपना संदेश देने के लिए तैयार हैं। दो मई के लिए मेरे इस ट्वीट को रख लीजिए।’’ आई-पैक की योजना के अनुरूप तृणमूल कांग्रेस ने पिछले हफ्ते चुनावी नारा दिया था, ‘‘बंगाल को सिर्फ अपनी बेटी चाहिए।’’ साथ में, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर थी, जिसके साथ पार्टी ने मुख्य रूप से महिला मतदाताओं और बंगाली उप-राष्ट्रवाद को लक्षित किया है हालांकि, भाजपा ने किशोर की खिल्ली उड़ाई और कहा कि उन्हें बंगाल में जमीनी हकीकत के बारे में कुछ भी मालूम नहीं है। 

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गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में एक ट्वीट में किशोर ने यह संकल्प लिया था कि यदि 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा दहाई के (दो अंकों के) आंकड़े को पार कर गई तो वह ट्विटर छोड़ देंगे। उनका यह ट्वीट केंद्रीय गृह मंत्री एवं भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह द्वारा 294 सदस्यीय विधानसभा में भगवा पार्टी के 200 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित करने की प्रतिक्रिया में आया था।





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मंत्री संजय राठौड़ की बर्खास्तगी की मांग से समझौता नहीं करेंगे: चंद्रकांत पाटिल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 27, 2021   18:36
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मंत्री संजय राठौड़ की बर्खास्तगी की मांग से समझौता नहीं करेंगे: चंद्रकांत पाटिल

उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार से भी जानना चाहा कि आखिर वह इस मामले में चुप क्यों हैं। बता दें कि उनकी पार्टी शिवसेना नीत महाराष्ट्र सरकार में सहयोगी है। उल्लेखनीय है कि पुणे में आठ फरवरी को 23 वर्षीय महिला की कथित तौर पर इमारत से गिरने से मौत हो गई थी। पुलिस ने कहा था कि वह आत्महत्या के कोण से मामले की जांच कर रही है। यवतमाल से शिवसेना नेता राठौड़ ने महिला की मौत से संबंध होने से इनकार किया है।

मुंबई। भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने पुणे में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में शनिवार को एक बार फिर राज्य सरकार में मंत्री संजय राठौड़ को बर्खास्त करने की मांग की। भाजपा पहले ही कह चुकी है कि अगर मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह एक मार्च से शुरू हो रहे राज्य विधानमंडल के बजट सत्र की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने नहीं देगी। पाटिल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम राठौड़ के इस्तीफे के अलावा कुछ स्वीकार नहीं करेंगे। हम अपने विरोध को तेज करेंगे और पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठ उनके इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रखेंगे।’’ भाजपा नेता ने पुणे की वनवाडी थाने की पुलिस द्वारा की जा रही जांच पर भी सवाल उठाया।

पाटिल ने कहा, ‘‘पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए। उसमें छिपाने को क्या है?’’ उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार से भी जानना चाहा कि आखिर वह इस मामले में चुप क्यों हैं। बता दें कि उनकी पार्टी शिवसेना नीत महाराष्ट्र सरकार में सहयोगी है। उल्लेखनीय है कि पुणे में आठ फरवरी को 23 वर्षीय महिला की कथित तौर पर इमारत से गिरने से मौत हो गई थी। पुलिस ने कहा था कि वह आत्महत्या के कोण से मामले की जांच कर रही है। यवतमाल से शिवसेना नेता राठौड़ ने महिला की मौत से संबंध होने से इनकार किया है। 

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भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष चित्रा वाघ के पति के खिलाफ पुलिस द्वारा नया मामला दर्ज करने पर पाटिल ने कहा, ‘‘सरकार को हमें डराने की कोशिश करने दीजिए। हम अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे।’’ उल्लेखनीय है कि गत कुछ दिन से वाघ भी महिला की मौत के मामले में राठौड़ को निशाना बना रही हैं। दिन में पुलिस अधिकारी ने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में वाघ के पति किशोर जगन्नाथ वाघ के खिलाफ मामला दर्ज किया है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


असंतुष्ट नेताओं को कांग्रेस पार्टी का जवाब, अच्छा होता चुनाव वाले राज्यों में अभियान चलाते

  •  अभिनय आकाश
  •  फरवरी 27, 2021   18:19
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असंतुष्ट नेताओं को कांग्रेस पार्टी का जवाब, अच्छा होता चुनाव वाले राज्यों में अभियान चलाते

अभिषेक मनु सिंघवी ने सभी को कांग्रेस परिवार का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि हम सभी की इज्जत करते हैं। कांग्रेस पार्टी समझती है कि जब पांच प्रांतों में चुनाव हो रहे हैं, जिसमें कांग्रेस संघर्ष कर रही है। ज्यादा उपयुक्त होता कि ये सभी नेता इन प्रांतों में अभियान करते।

कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं के जम्मू में जमावड़े को लेकर राजधानी दिल्ली में भी हलचल तेज हो गई। खबरों की माने तो कांग्रेस के जी-23 नेताओं के गोलबंद होने से राहुल गांधी खेमा नाखुश है। उनका मानना है कि विधानसभा चुनावों में प्रचार की बजाय वरिष्ठ नेता अपनी शिकायतों को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं जबकि राहुल गांधी पार्टी को मजबूत करने के लिए जमीन पर मेहनत कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ नेताओं के इस कदम से राहुल गांधी खेमे के लोगों ने कांग्रेस की उम्मीदों को झटका लगने की आशंका व्यक्त की है। उनका मानना है कि इस मोर्चाबंदी को कांग्रेस के वफादार सिपाहियों द्वारा कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही राहुल गांधी खेमे के लोगों ने इससे बीजेपी को ही फायदा होने की संभावना जताई है। 

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असंतुष्ट नेताओं को सिंघवी का जवाब 

अभिषेक मनु सिंघवी ने सभी को कांग्रेस परिवार का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि हम सभी की इज्जत करते हैं। कांग्रेस पार्टी समझती है कि जब पांच प्रांतों में चुनाव हो रहे हैं, जिसमें कांग्रेस संघर्ष कर रही है। ज्यादा उपयुक्त होता कि ये सभी नेता इन प्रांतों में अभियान करते।  सिंघवी ने कहा कि गुलाम नबी आजाद सात बार सांसद रहे हैं। गुलाम नबी आजाद को सोनिया गांधी ने मुख्यमंत्री बनाया था। आजाद ने इससे पहले कभी शिकायत नहीं की थी।  

 जी-23 की जम्मू में मोर्चाबंदी

जम्मू में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा हुआ। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से रिटायर होने के बाद आजाद शुक्रवार को जम्मू पहुंचे। यहां उनके स्वागत में भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उमड़े। इस दौरान जी-23 गुट के नेताओं की तरफ से कांग्रेस पार्टी को नसीहत भी दी गई। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि 1950 के बाद कभी ऐसा अवसर नहीं आया जब राज्य सभा में जम्मू-कश्मीर का कोई प्रतिनिधि न हो। यह दुरुस्त होगा। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में कांग्रेस कमजोर हुई है। हमारी आवाज पार्टी की बेहतरी के लिए है। इसके अलावा कपिल सिब्बल ने कहा कि पार्टी को गुलाम नबी आजाद के अनुभव का लाभ उठाने की नसीहत देते हुए कहा कि कहा कि गुलाम नबी आज़ाद साहब की असली भूमिका क्या है? 

 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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