भारतीय राजदूत ने कहा- जब तक हर भारतीय अपने देश नहीं पहुंच जाता तब तक दूतावास का काम जारी रहेगा

भारतीय राजदूत ने कहा- जब तक हर भारतीय अपने देश नहीं पहुंच जाता तब तक दूतावास का काम जारी रहेगा

पार्थ सत्पथी ने कहा कि हम यहां प्रशासन के संपर्क में हैं, भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास स्थिति को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है और प्रयास कर रहा है कि हमारे नागरिकों को यहां(यूक्रेन) से कैसे निकाला जा सकता है।

यूक्रेन में भारत के राजदूत ने देश में भारतीयों से अपील की कि वे वर्तमान स्थिति का सामना शांत रहकर और धैर्य के साथ करें। पार्थ सत्पथी ने भारतीयों के लिए जारी एक संदेश में कहा कि यूक्रेन में हमारा दूतावास खुला है और लगातार काम कर रहा है। युद्ध के चलते एयर स्पेस बंद कर दिया गया है जिसके चलते स्पेशल फ्लाइट प्रभावित हुई हैं। इस स्थिति में मेरी यहां यूक्रेन में सभी भारतीय नागरिकों से अपील है कि आप जहां हैं, वहीं रहें। 

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पार्थ सत्पथी ने कहा कि हम यहां प्रशासन के संपर्क में हैं, भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास स्थिति को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है और प्रयास कर रहा है कि हमारे नागरिकों को यहां(यूक्रेन) से कैसे निकाला जा सकता है। जब तक यहां(यूक्रेन) से हर भारतीय वापस हमारे देश नहीं पहुंच जाता तब तक भारतीय दूतावास यहां काम जारी रखेगा। 

कतर के रास्ते लौट सकते हैं भारतीय यात्री

केंद्र सरकार ने कहा कि यूक्रेन से भारतीय यात्री कतर के रास्ते लौट सकते हैं। दरअसल, विमानन उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि यू्क्रेन का वायु क्षेत्र खुलने के बाद ही वहां से यात्री उड़ानें फिर से शुरू होंगी। अभी 20,000 भारतीय यूक्रेन में फंसे हुए हैं। उनमें से ज्यादातर छात्र हैं। चूंकि रूस के सैन्य आक्रमण के चलते यूक्रेन के वायु क्षेत्र को बंद कर दिया गया है, ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे कतर-भारत उड़ानों में सवार होने के लिए यूक्रेन से कैसे यात्रा करेंगे। कतर-भारत उड़ानें सामान्य रूप से परिचालित हो रही हैं। 





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