Indian Army ने Jammu-Kashmir के कई इलाकों में Iftar दावत के जरिये दिया भाईचारे और एकता का संदेश

रामबन क्षेत्र में सेना की राष्ट्रीय राइफल्स की इकाई ने इफ्तार दावत का आयोजन किया जिसमें गांव के बुजुर्ग, युवा, समाज के सम्मानित लोग तथा बच्चे भी शामिल हुए। इफ्तार के समय सभी लोग एक साथ बैठे, रोजा खोला और शांति, भाईचारा तथा देश की तरक्की के लिये दुआ की।
पवित्र रमजान के महीने में भाईचारे और आपसी विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के रामबन, पुंछ और आसपास के कई इलाकों में इफ्तार दावत का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और सेना के इस मानवीय प्रयास की खुलकर प्रशंसा की। स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, विश्वास और सद्भाव को मजबूत करते हैं।
रामबन क्षेत्र में सेना की राष्ट्रीय राइफल्स की इकाई ने इफ्तार दावत का आयोजन किया जिसमें गांव के बुजुर्ग, युवा, समाज के सम्मानित लोग तथा बच्चे भी शामिल हुए। इफ्तार के समय सभी लोग एक साथ बैठे, रोजा खोला और शांति, भाईचारा तथा देश की तरक्की के लिये दुआ की। कार्यक्रम के दौरान सेना के अफसर और जवान भी स्थानीय लोगों के साथ बैठे और उनसे खुले मन से बातचीत की।
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स्थानीय नागरिकों ने कहा कि भारतीय सेना केवल देश की सीमा की रक्षा ही नहीं करती, बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ मानवीय रिश्ता भी बनाती है। लोगों का कहना था कि सेना का यह प्रयास दिल को छू लेने वाला है। एक स्थानीय बुजुर्ग ने कहा कि सेना के जवान यहां के लोगों को अपना परिवार मानते हैं और इसी कारण लोग भी सेना के प्रति गहरा सम्मान रखते हैं।
उधर पुंछ जिले के सेकेलु इलाके में डोडा बटालियन की ओर से भी इसी तरह की इफ्तार दावत रखी गई। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। सभी ने मिलकर इफ्तार किया और आपसी मेल मिलाप का संदेश दिया। सेना के अफसरों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम का मकसद लोगों के साथ विश्वास का रिश्ता मजबूत करना और समाज में एकता का भाव बढ़ाना है।
इफ्तार कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने सेना के प्रति आभार जताया और कहा कि भारतीय सेना हमेशा कठिन समय में लोगों के साथ खड़ी रहती है। चाहे प्राकृतिक आपदा हो, कठिन मौसम हो या सुरक्षा की चुनौती, सेना हर समय जनता की सहायता करती है। देखा जाये तो रामबन और पुंछ में आयोजित यह इफ्तार दावत एक बार फिर यह साबित करती है कि भारतीय सेना केवल सुरक्षा बल ही नहीं, बल्कि देश की एकता और सामाजिक सद्भाव की मजबूत आधार भी है। ऐसे प्रयास समाज में प्रेम, सम्मान और भाईचारा बढ़ाने का प्रेरक उदाहरण बनते हैं।
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