NCW के कार्यक्रम में बोले PM मोदी, भारत की बेटियां दुनिया में कर रहीं कमाल, रिकॉर्ड महिलाओं को दिया पद्म सम्मान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पद्य पुरस्कारों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी इसका एक और उदाहरण है। 2015 से लेकर अब तक 185 महिलाओं को उनके अभूतपूर्व कार्यों के लिए पद्म सम्मान दिया गया है। इस साल भी 34 पद्म पुरस्कार अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही महिलाओं को मिले हैं। यह अपने आप में रिकॉर्ड हैं।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 30वें राष्ट्रीय महिला आयोग के स्थापना दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग की स्थापना के 30 वर्ष होने पर बहुत-बहुत बधाई। 30 वर्ष का पड़ाव, चाहे व्यक्ति के जीवन का हो या फिर किसी संस्था का, बहुत अहम होता है। ये समय नई जिम्मेदारियों का होता है, नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का होता है। मुझे विश्वास है कि अपनी स्थापना के 30वें वर्ष को राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा भी इसी रूप में देखा जा रहा होगा और अधिक प्रभावी और अधिक जिम्मेदार, नई ऊर्जा से सराबोर आज बदलते हुए भारत में महिलाओं की भूमिका का निरंतर विस्तार हो रहा है। 

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उन्होंने कहा कि आज बदलते हुए भारत में महिलाओं की भूमिका का निरंतर विस्तार हो रहा है। इसलिए राष्ट्रीय महिला आयोग की भूमिका का विस्तार भी आज समय की मांग है। ऐसे में आज देश के सभी महिला आयोगों को अपना दायरा भी बढ़ाना होगा और अपने राज्य की महिलाओं को नई दिशा भी देनी होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में एक नए भारत का संकल्प हमारे सामने है। आज देश सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर काम कर रहा है। देश सबसे विकास के इस लक्ष्य तक भी तभी पहुंचेगा, जबके लिए सभी संभावनाएं समान रूप से खुली हो। हम सब जानते हैं कि पहले जैसे ही बिजनेस की बात होती थी उसका यही मतलब निकाला जाता था कि बड़े कॉरपोरेट की बात हो रही है, पुरुषों के काम की बात हो रही है। लेकिन सदियों से भारत की ताकत हमारे छोटे उद्योग रहे हैं। इसे एमएसएमई कहा जाता है। इन उद्योगों में जितनी भूमिका पुरुषों की होती है, उतनी ही महिलाओं की होती है।

उन्होंने कहा कि पुरानी सोच वालों ने महिलाओं के स्किल्स को घरेलू कामकाज का ही विषय मान लिया था। देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए इस पुरानी सोच को बदलना जरूरी है। आत्मनिर्भर भारत अभियान महिलाओं की इसी क्षमता को देश के विकास के साथ जोड़ रहा है और परिणाम हमारे सामने हैं। 

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुद्रो योजना की लगभग 70 फीसदी लाभार्थी महिलाएं हैं। करोड़ों महिलाओं ने इस योजना की मदद से अपना काम शुरू किया है और दूसरों को भी रोजगार देने का काम किया है। इसी प्रकार महिलाओं में स्वयं सहायता समूहों के जरिए एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए देश दीनदयाल अंत्योदय योजना चला रहा है। देश की महिलाओं का उत्साह और सामर्थ्य इतना है कि 6 सालों में स्वयं सहायता समूहों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है। ठीक ऐसा ही हमें स्टॉर्ट अप्स में भी देखने को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि 2016 से हमारे देश में 56 अलग-अलग सेक्टर्स में 60,000 से ज्यादा नए स्टॉर्टअप बने हैं और इनमें से 45 फीसदी में एक महिला निदेशक है। न्यू इंडिया के ग्रोथ साइकिल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। महिला आयोगों को चाहिए कि समाज की एंटरप्रेन्योरशिप में महिलाओं की भूमिका को पहचान मिले और उसे प्रमोट किया जाए। पिछले 7 सालों में देश में इस दिशा की तरफ ध्यान दिया है। 

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रिकॉर्ड महिलाओं को पद्म सम्मान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पद्य पुरस्कारों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी इसका एक और उदाहरण है। 2015 से लेकर अब तक 185 महिलाओं को उनके अभूतपूर्व कार्यों के लिए पद्म सम्मान दिया गया है। इस साल भी 34 पद्म पुरस्कार अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही महिलाओं को मिले हैं। यह अपने आप में रिकॉर्ड हैं। आज तक इतनी ज्यादा महिलाओं को पद्म सम्मान नहीं मिला है।

उन्होंने कहा कि खेलों में भी भारत की बेटियां दुनिया में कमाल कर रही हैं। ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीत रही हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के खिलाफ इतनी बड़ी लड़ाई पूरे देश में लड़ी। इसमें हमारी नर्सेस ने, डॉक्टरों ने, महिला वैज्ञानिकों ने कितनी बड़ी भूमिका निभाई है। जब कभी भी इन्हें अवसर मिला है इन्होंने अपने आपको साबित किया है।

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