मध्यप्रदेश के इंदौर में दो आरोपियों द्वारा नकली प्लास्टर उतारने का वीडियो वायरल, पुलिस ने शुरू की जांच

इंदौर में मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप में गिरफ्तार दो युवकों द्वारा हाथों का प्लास्टर खुद उतारकर फेंकने का वीडियो सामने आया है। इस दौरान वीडियो में एक पुलिसकर्मी भी उनकी मदद करता नजर आ रहा है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के अनुसार मामले का संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
इंदौर (मध्यप्रदेश), 30 जुलाई इंदौर में मारपीट और तोड़फोड़ के आरोपों में गिरफ्तार दो युवकों को कथित तौर पर फर्जी प्लास्टर चढ़ाए जाने और बाद में खुद उनके द्वारा यह प्लास्टर हटाए जाने के वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सोशल मीडिया पर कथित घटना का वीडियो प्रसारित होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
इनमें से एक वीडियो में दोनों आरोपी पुलिस की मौजूदगी में कथित तौर पर जुलूस निकाले जाने के दौरान लंगड़ाकर चलते दिखाई देते हैं और उनके एक-एक हाथ में प्लास्टर बंधा नजर आता है। दूसरे वीडियो में दोनों आरोपी जिला जेल में दाखिल होने से पहले इसके प्रवेश द्वार के बाहर अपने हाथों का प्लास्टर खुद उतारकर झाड़ियों में फेंकते दिखाई देते हैं। वीडियो में उनके साथ मौजूद एक पुलिस कर्मी भी प्लास्टर हटाने में उनकी मदद करता नजर आता है।
वीडियो बनाने वाला एक अज्ञात व्यक्ति यह आरोप लगाता भी सुनाई देता है कि इस पुलिस कर्मी ने दोनों आरोपियों से 20,000 रुपये की रिश्वत ली है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ओमप्रकाश ने बताया कि हीरा नगर थाना क्षेत्र में 23 जुलाई को पुलिस के संज्ञान में एक प्रकरण आया था जिसमें दो युवकों ने एक व्यक्ति से कथित तौर पर मारपीट और तोड़फोड़ की थी। ओमप्रकाश ने बताया कि दोनों युवकों के खिलाफ संबद्ध कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था और बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजा गया था।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया कि दोनों आरोपियों से जुड़े वीडियो का संज्ञान लिया गया है और इनकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा,‘‘जांच में जो तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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