कोविड-19 इलाज दरों को क्लीनिक और नर्सिग होम में प्रदर्शित करने के र्निदेश

  •  दिनेश शुक्ल
  •  जनवरी 21, 2021   16:14
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कोविड-19 इलाज दरों को क्लीनिक और नर्सिग होम में प्रदर्शित करने के र्निदेश

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा नवम्बर 2020 में कोविड-19 की निर्धारित उपचार दरों को क्लीनिक और नर्सिंग होम में रिसेप्शन काउन्टर पर प्रदर्शित करने के संबंध में पारित आदेश के अनुक्रम में निर्देश जारी किए गये है।

भोपाल। स्वास्थ्य आयुक्त ने प्रदेश के सभी क्लीनिक और नर्सिंग होम को कोविड-19 के उपचार की निर्धारित की गई दरों को रिसेप्शन काउन्टर पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए है। मरीजो और परिजनो द्वारा दरों की मांग करने पर उन्हें भी उपचार की दरें उपलब्ध कराई जाएगी। 

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स्वास्थ्य, सूचना शिक्षा संचार ब्यूरो के संचालक वसंत कुर्रे ने गुरुवार को बताया कि यह आदेश पूर्व में जारी किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा नवम्बर 2020 में कोविड-19 की निर्धारित उपचार दरों को क्लीनिक और नर्सिंग होम में रिसेप्शन काउन्टर पर प्रदर्शित करने के संबंध में पारित आदेश के अनुक्रम में निर्देश जारी किए गये है। संचालक कुर्रे ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश क्लीनिक्स इस्टाविलिशमेंट और नर्सिंग होम संबंधी (उपचर्चागृहो एवं रूजोपचार संबंधी) रजिस्ट्रीकरण एवं अनुज्ञापन नियम-1997 की अनुसूची-2 के खण्ड(5) और 5(1)के प्रावधानों के तहत पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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उन्‍होंने बताया कि इस मामले में यह भी स्पष्ट किया गया है कि क्लीनिक एवं नर्सिंग होम जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को कोविड-19 की निर्धारित दरों की भेजी गई सूची में दर्शायी दरों से 40 प्रतिशत से अधिक प्राप्त नहीं कर सकेगें। उपचार की निर्धारित दरों से 40 प्रतिशत से अधिक राशि लिए जाने की जानकारी प्राप्त होती है तो इसे जिला प्रशासन और उच्च न्यायालय को आवश्यक कार्यवाही के लिए भी भेजा जाएगा।





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संवेदना से धागों से बुनी गयी किताब है सच्चिदानंद जोशी की ‘जिंदगी का बोनस’

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2021   15:59
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संवेदना से धागों से बुनी गयी किताब है सच्चिदानंद जोशी की ‘जिंदगी का बोनस’

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि श्री जोशी बहुमुखी प्रतिभासंपन्न और सह्दय व्यक्ति हैं, उनके इन्हीं गुणों का विस्तार इन रम्य रचनाओं में दिखता है। इस संग्रह की एक रचना ‘इफ्तार’ उनकी संवेदना का सच्चा बयान है। श्री जोशी की खासियत है कि वह सबको साथ लेकर चलते हैं, एक अच्छे संगठनकर्ता भी हैं, जहां जाते हैं अपनी दुनिया बना लेते हैं। सबको जोड़ कर रखते हैं।

नई दिल्ली। प्रख्यात संस्कृतिकर्मी और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डा. सच्चिदानंद जोशी की रम्य रचनाओं की पुस्तक ‘जिंदगी का बोनस’ का लोकार्पण इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में पद्श्री से अलंकृत प्रख्यात व्यंग्यकार अशोक चक्रधर ने किया। इस मौके पर पद्मश्री से सम्मानित नृत्यांगना शोभना नारायण, भारतीय जनसंचार संस्थान के महानिदेशक प्रो.संजय द्विवेदी, कथाकार अल्पना मिश्र, प्रभात प्रकाशन के प्रभात कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। समारोह को संबोधित करते हुए आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि लेखक की सह्दयता ने जिंदगी की बहुत साधारण घटनाओं को ‘जिंदगी का बोनस’ बना दिया है,यह किताब संवेदना के धागों से बुनी गई है। लेखक की यही संवेदना, आत्मीयता और आनंद की खोज इस पुस्तक का प्राणतत्व है। प्रो. द्विवेदी ने कहा कि श्री जोशी बहुमुखी प्रतिभासंपन्न और सह्दय व्यक्ति हैं, उनके इन्हीं गुणों का विस्तार इन रम्य रचनाओं में दिखता है। इस संग्रह की एक रचना ‘इफ्तार’ उनकी संवेदना का सच्चा बयान है। श्री जोशी की खासियत है कि वह सबको साथ लेकर चलते हैं, एक अच्छे संगठनकर्ता भी हैं, जहां जाते हैं अपनी दुनिया बना लेते हैं। सबको जोड़ कर रखते हैं।

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 दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी की प्राध्यापक और लेखिका अल्पना मिश्र ने कहा कि इस पुस्तक के बहाने हिंदी साहित्य को एक अनूठा गद्य मिला है। जिसमें ललित निबंध, रिपोर्ताज, कथा, निबंध चारों के मिले-जुले रूप दिखते हैं। इन रम्य कथाओं में विविधता बहुत है और इनका भरोसा एक सुंदर दुनिया बनाने में है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के उपन्यासकार विलियम फॉल्कनर का कहना था कि हर किताब में एक फ्रोजन टाइम होता है। पाठक के हाथ में आकर वह बहने लगता है। घटनाएं जीवंत हो उठती है। इन रचनाओं में जिंदगी के छोटे-छोटे किस्से हैं मगर सरोकार बड़े हैं। अशोक चक्रधर ने इस कृति को हिंदी साहित्य के लिए बोनस बताया और कहा कि देश की मिली-जुली संस्कृति और संवेदना का इसमें दर्शन है, यही भावना प्रमोदक है। संवेदन तंत्रिका को झंकृत कर जाती है। इनकी कहानियों की प्रेरणा उनके सौंदर्य अनुभूति को दर्शाती है। जब मन-मस्तिष्क सुरम्य हो तभी आप रम्य रचनाएं लिख पाते हैं। ये सारी कहानियां खुशियां प्रदान करती हैं। सकारात्मकता से भरपूर हैं यह कहानियां पहले आपकी चेतना को टटोलती है और फिर बोलती हैं। 

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कार्यक्रम की अध्यक्ष प्रसिद्ध नृत्यांगना शोभना नारायण ने कहा कि लघु कथा के इस संग्रह में चिंतन और मनन दिखाई देता है। सामान्य घटनाओं से निष्कर्ष निकालना और सीख लेना मानवीयता, सूक्ष्मता, सूझबूझ और जीवन जीने का साहस भी इसमें दिखाई देता है। साथ ही साथ रसास्वादन भी है। ये रचनाएं ज्ञानवर्धक भी हैं। कौन किस कहानी से क्या सीख ले जाता है लेखक ने यह सूक्ष्मता दिखाई है। इस मौके पर श्री सच्चिदानंद जोशी ने लेखकीय वक्तव्य दिया और अपनी दो कहानियों का पाठ भी किया।  कार्यक्रम का संचालन श्रुति नागपाल और आभार ज्ञापन मालविका जोशी ने किया। 





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अंडमान निकोबार द्वीपसमूह में कोविड-19 का कोई नया मामला नहीं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2021   15:31
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अंडमान निकोबार द्वीपसमूह में कोविड-19 का कोई नया मामला नहीं

अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि केन्द्र शासित प्रदेश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 5,016 है और एक व्यक्ति के ठीक होने के बाद संक्रमण मुक्त हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,950 हो गई।

पोर्ट ब्लेयर। अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि केन्द्र शासित प्रदेश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 5,016 है और एक व्यक्ति के ठीक होने के बाद संक्रमण मुक्त हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,950 हो गई।

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अधिकारी ने बताया कि अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह मेंसंक्रमण से कुल 62 लोगों की मौत हुई है। अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने अब तक कुल 2.63 लाख से अधिक नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की है।





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महाराष्ट्र सरकार महिला की मौत मामले में मंत्री को बचा रही : भाजपा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2021   15:25
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महाराष्ट्र सरकार महिला की मौत मामले में मंत्री को बचा रही : भाजपा

महाराष्ट्र की भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष चित्रा वाघ ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार मंत्री संजय राठौड़ को बचा रही है जिनका नाम एक महिला की मौत के मामले से जुड़ रहा है।

पुणे। महाराष्ट्र की भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष चित्रा वाघ ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार मंत्री संजय राठौड़ को बचा रही है जिनका नाम एक महिला की मौत के मामले से जुड़ रहा है। उन्होंने मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उल्लेखनीय है कि आठ फरवरी को पुणे के हडपसर इलाके स्थित एक इमारत से कथित तौर पर गिरने से उक्त महिला की मौत हो गई थी। वाघ बृहस्पतिवार को घटनास्थल पर गईं और पुणे के पुलिस उपायुक्त अमिताभ गुप्ता से इस मामले को लेकर मुलाकात की।

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राठौड़ ने मंगलवार को उनपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि महिला की मौत के बाद ‘गंदी राजनीति’ हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मामले की जांचके आदेश दिए हैं और पुलिस अपना काम कर रही है। यहां संवाददाताओं से बृहस्पतिवार को बात करते हुए वाघ ने कहा कि सत्तारूढ़ महा विकास आघाडी के साझेदार राठौड़ को बचाने में एकजुट हैं।

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भाजपा नेता ने कहा, ‘‘ हमें मंत्री से कोई उम्मीद नहीं है लेकिन कम से कम मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे संवेदनशील व्यक्ति हैं और उन्हें राठौड़ के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।’’ महिला की मौत के बाद मृतका द्वारा कथित रूप से दो व्यक्तियों की बातचीत की ऑडियो क्लिप सामने आयी है। वनवाडी पुलिस थाने के मुताबिक उसने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया है और कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। वाघ ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि ऑडियो क्लिप में सुनाई दे रही एक आवाज संजय राठौड़ की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन वनवाडी पुलिस राठौड़ के खिलाफ मामला नहीं दर्ज कर रही है।





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