जगन मोहन रेड्डी ने केंद्र से कहा, निजी अस्पतालों को नहीं दे कोरोना वैक्सीन

जगन मोहन रेड्डी ने केंद्र से कहा, निजी अस्पतालों को नहीं दे कोरोना वैक्सीन

मुख्यमंत्री ने कहा, ऐसी स्थिति में जब 45 से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए ही टीके की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है और इस बात की भी कोई संभावना नहीं है कि अगले कुछ महीनों में 18-44 आयु वर्ग के लोगों के लिए निशुल्क टीकाकरण अभियान शुरू हो पाएगा, ऐसे में कुछ निजी अस्पतालों को मनमानी कीमत पर सभी आयु वर्ग के लोगों को टीका लगाने की अनुमति देना सही नहीं है।

अमरावती। कोरोना वायरस महामारी के बीच देश में कोरोना वैक्सीन की भी मांग बढ़ गई है। कई राज्यों ने तो फिलहाल वैक्सीन की आपूर्ति नहीं होने के कारण टीकाकरण केंद्रों को बंद कर दिया है। इन सबके बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि निजी अस्पतालों को कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति रोक दी जानी चाहिए। उन्होंने टीके की सीमित मात्रा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लेने की आवश्यकता पर जोर दिया है। रेड्डी ने निजी अस्पतालों पर टीके की खुराक को लेकर मनमानी कीमत वसूलने का भी आरोप लगाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को  लिखे पत्र में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने कहा है कि प्राइवेट अस्पताल एक खुराक के लिए लोगों से 2,000-25,000 रुपये तक वसूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीका आम जनता के लिए है। इसे निशुल्क अथवा एक कीमत पर ही सभी को उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा, ऐसी स्थिति में जब 45 से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए ही टीके की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है और इस बात की भी कोई संभावना नहीं है कि अगले कुछ महीनों में 18-44 आयु वर्ग के लोगों के लिए निशुल्क टीकाकरण अभियान शुरू हो पाएगा, ऐसे में कुछ निजी अस्पतालों को मनमानी कीमत पर सभी आयु वर्ग के लोगों को टीका लगाने की अनुमति देना सही नहीं है। रेड्डी ने कहा कि इसके कारण न केवल समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को परेशानी हो रही है बल्कि इससे टीके की कालाबाजारी का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि लोगों को सरकारी अथवा निजी अस्पतालों में टीका लगवाने का विकल्प देना, उसी स्थिति में सही साबित होगा जब टीके की खुराक पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हो। रेड‍्डी ने प्रधानमंत्री से इस मामले की ओर ध्यान देने का अनुरोध करते हुए कहा कि निजी अस्पतालों को की जाने वाली टीके की आपूर्ति रोक दी जानी चाहिए।





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