Jharkhand में भर्ती परीक्षा विवाद पर छात्रों ने सरकार को सौंपी 10 सदस्यों की नई सूची

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों ने राज्य सरकार से बातचीत के लिए शुक्रवार को 10 सदस्यीय नए प्रतिनिधिमंडल की सूची सौंपी। JPSC-JSSC सुधार मंच ने सरकारी समिति की आपत्ति के बाद अधिवक्ता को हटाकर यह नई सूची तैयार की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बातचीत की पेशकश के बाद 14वें दिन जारी इस आंदोलन में छह छात्र भूख हड़ताल पर हैं।
रांची, सात अगस्त भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने शुक्रवार को झारखंड सरकार को 10 सदस्यों वाले नए प्रतिनिधिमंडल की सूची सौंपी। यह प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे के समाधान के लिए सरकार के साथ बातचीत करेगा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे झारखंड लोक सेवा आयोग-झारखंड कर्मचारी चयन आयोग सुधार मंच ने बताया कि सरकार की ओर से पहले भेजे गए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पर आपत्ति जताए जाने के बाद नयी सूची सौंपी गई है।
पुराने प्रतिनिधिमंडल में एक अधिवक्ता और दो तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे। नए प्रतिनिधिमंडल में छात्र नेता रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रविंद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल हैं। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया।
इस दौरान छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं, जबकि दो छात्र संगठनों ने शुक्रवार को विधानसभा तक मार्च निकाला। छात्रों से बातचीत के लिए गठित पांच सदस्यीय सरकारी समिति के सदस्य और राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार की ओर से प्रतिनिधिमंडल में एक अधिवक्ता को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताने के बाद नयी सूची सौंपी गई। बातचीत का फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस बयान के एक दिन बाद लिया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ चर्चा के लिए सरकार तैयार है।
सुदिव्य कुमार ने विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से कहा, यह आंदोलन छात्रों का है और सरकार उनसे बातचीत के लिए तैयार है। यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) या झारखंड का कोचिंग माफिया इस आंदोलन को अपने हाथ में लेने की कोशिश करता है तो सरकार ऐसा नहीं होने देगी।
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