जिग्नेश मेवानी को नहीं मिली कोर्ट से राहत, 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया, जमानत याचिका भी हुई खारिज

जिग्नेश मेवानी को नहीं मिली कोर्ट से राहत, 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया, जमानत याचिका भी हुई खारिज
प्रतिरूप फोटो
ANI Image

गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी को असम के बारपेटा जिले की स्थानीय अदालत ने पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के मामले में 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। आपको बता दें कि एक दिन पहले जिग्नेश मेवानी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ट्वीट करने के मामले में जमानत मिल गई थी।

नयी दिल्ली। गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। आपको बता दें कि निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी को असम के बारपेटा जिले की अदालत से फिलहाल राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनकी जमानत भी याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के मामले में जिग्नेश मेवानी को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा दिया है। 

इसे भी पढ़ें: जमानत मिलने के तुरंत बाद असम पुलिस ने एक और मामले में जिग्नेश मेवानी को किया गिरफ्तार, जानें पूरा मामला 

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी को असम के बारपेटा जिले की स्थानीय अदालत ने पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के मामले में 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है।

जिग्नेश मेवानी को मिली थी जमानत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ट्वीट किए जाने के मामले में जिग्नेश मेवानी को सोमवार को कोकराझार की एक अदालत ने जमानत दे दी। इसके तुरंत बाद ही असम पुलिस ने जिग्नेश मेवानी को पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के मामले में गिरफ्तार कर लिया था। 

इसे भी पढ़ें: जिग्नेश मेवानी की गिरफ्तारी पर भड़के हार्दिक पटेल, कहा- अब तो देश में विधायक भी सुरक्षित नहीं 

गौरतलब है कि जिग्नेश मेवानी को असम पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया था और फिर कोकराझार की एक अदालत के समक्ष पेश किया। जहां से उन्हें 3 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इसके बाद रविवार को एक बार फिर से जिग्नेश मेवानी को अदालत के सामने पेश किया गया। ऐसे में अदालत ने उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। लेकिन सोमवार को जिग्नेश मेवानी को जमानत मिल गई थी।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।