• भारत से 17 किलोमीटर दूर जिनपिंग का दौरा, अब अमित शाह पहुंच रहे हैं पूर्वोत्तर के दो दिवसीय दौरे पर

अभिनय आकाश Jul 24, 2021 13:57

भारत के अरुणाचल प्रदेश से सिर्फ 17 किलोमीटर दूर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दौरा किया। इन सब के बीच गृह मंत्री अमित शाह दो दिन के पूर्वोत्तर दौरे पर पहुंच रहे हैं। जहां वह पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के मुख्य मंत्रियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 21 जुलाई को अचानक भारत और चीन की सीमा के पास मौजूद तिब्बत के न्यिंगची शहर पहुंच गए। तिब्बत का ये शहर भारत के अरुणाचल प्रदेश से सिर्फ 17 किलोमीटर दूर है। अरुणाचल प्रदेश के इतने पास चीन के राष्ट्रपति का पहुंचना भारत की सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी है। पिछले तीस वर्षों में ये पहला मौका है जब चीन का कोई भी राष्ट्रपति तिब्बत पहुंचा है। शी जिनपिंग आखिरी बार वर्ष 2011 में चीन के उपराष्ट्रपति के तौर पर इसी जगह पर आए थे। लेकिन उस वक्त वो राष्ट्रपति नहीं थे। जिनपिंग न केवल चीन के राष्ट्रपति हैं बल्कि चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के कमांडर इन चीफ भी हैं। इन सब के बीच गृह मंत्री अमित शाह दो दिन के पूर्वोत्तर दौरे पर पहुंच रहे हैं। जहां वह पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के मुख्य मंत्रियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। 

पूर्वोत्तर के इन राज्यों में चल रहा है सीमा विवाद

पूर्वोत्तर राज्यों में असम, मेघालय, त्रिपुरा, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम शामिल हैं। असम का अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड और मिजोरम के साथ सीमा विवाद चल रहा है. बैठक में इस मुद्दे पर खास चर्चा होनी है। 

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जिनपिंग के तिब्बत दौरे के मायने

तिब्बत का न्यिंगची शहर अरुणाचल प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है। अरूणाचल को चीन दक्षिण तिब्बत का हिस्सा मानता है। जबकि सच्चाई ये है कि लद्दाख की तरह अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है। न्यिंगची में ही चीन ब्र्हमपुत्र नदी पर एक बांध बना रहा है। इस नदी का उद्दगम स्थल तिब्बत में कैलाश मानसरोवर के पास है। चीन इस नदी पर बांध बना रहा है ताकि वो इस नदी के पाने को भारत में आने से रोक पाया। इसके साथ ही कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चीन अरुणाचल से सटे इलाकों में मिलिट्री कंस्ट्रक्शन का काम करा रहा है। जिनपिंग ने जिन इलाकों का दौरा किया, वहां से हवाई रूट के जरिए शिलांग की दूरी महज 462 किमी है। जहां गृह मंत्री अमित शाह पहुंच रहे हैं। इससे चीन को साफ संदेश जाएगा कि सीमा के पास वो अपनी नापाक हरकते करने के लिए चाहे कैसे भी षड़यंत्र रचे भारत हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।