KIIFB पर केरल विधानसभा स्पीकर ने UDF सरकार के रुख का किया बचाव

केरल विधानसभा अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने केआईआईएफबी के मुद्दे पर सरकार के कदम का समर्थन करते हुए कहा कि सत्ता में आने वाली नई सरकार की नीतियां पिछली सरकार से भिन्न हो सकती हैं। वह विशेषज्ञ समिति की उस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें केआईआईएफबी की अलग से कोष जुटाने की भूमिका समाप्त करने का सुझाव दिया गया है।
केरलम विधानसभा के अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने सोमवार को केरल अवसंरचना निवेश कोष बोर्ड (केआईआईएफबी) पर संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के रुख का बचाव करते हुए कहा कि सत्ता में आने वाली नयी सरकार की नीतियां पिछली सरकार से अलग हो सकती हैं। राधाकृष्णन एक विशेषज्ञ समिति की उन सिफारिशों से जुड़े पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे जिनमें केआईआईएफबी की अलग से धन जुटाने वाली और परियोजनाओं के वित्तपोषण करने वाली संस्था के रूप में भूमिका समाप्त करने की बात कही गई है। इस सुझाव ने उस वित्तीय मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए हैं जिसके आधार पर राज्य में बुनियादी ढांचे पर खर्च किया जाता रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम यह उम्मीद नहीं कर सकते कि नयी सरकार पिछली सरकार के कदमों का अनुसरण करेगी। नयी सरकार की अपनी नीतियां होंगी जो पिछली सरकार की नीतियों से अलग हो सकती हैं।’’ सेवानिवृत्त आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी सुधा पिल्लई की अध्यक्षता वाली समिति ने केरलम विधानसभा में बृहस्पतिवार को पेश की गई अपनी रिपोर्ट में कहा कि केआईआईएफबी का मूल उद्देश्य राज्य की कर्ज लेने की सीमा का उपयोग किए बिना कोष जुटाना था लेकिन अब यह उद्देश्य अप्रासंगिक हो गया है क्योंकि केआईआईएफबी द्वारा लिया गया कर्ज भी अब उसी सीमा के अंतर्गत गिना जाता है। इसी दिन मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने कहा था कि समिति ने केआईआईएफबी की ओर से गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, नियमों के उल्लंघन और भारी वित्तीय देनदारियों को उजागर किया है।
मुख्यमंत्री ने केआईआईएफबी पर एक ‘अलग साम्राज्य’ की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि राज्य सरकार विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के निष्कर्षों की पड़ताल करेगी और आगे की कार्रवाई पर फैसला लेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि बड़ी मात्रा में केआईआईएफबी के धन का इस्तेमाल कन्नूर जिले में बहुत ऊंची दरों पर जमीन के बड़े हिस्से खरीदने के लिए किया गया और इसमें से ज्यादातर जमीन का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने रविवार को सतीशन और सरकार पर पलटवार करते हुए सवाल किया कि कन्नूर में केआईआईएफबी के धन का इस्तेमाल करने में क्या गलत है।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या कन्नूर केरल में नहीं है?’’ उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा यूडीएफ प्रशासन राज्य में विकास कार्यों को बाधित करने की कोशिश कर रहा है।
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