Sabarimala Ghee Scam: केरल हाईकोर्ट ने SIT गठित की, 1.65 लाख लीटर Milma Ghee में बड़ी गड़बड़ी

SP MJ सोजन SIT के हेड होंगे, जबकि विजिलेंस के डिप्टी SP CH हरि इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर होंगे। टीम में चार इंस्पेक्टर भी शामिल होंगे। कोर्ट ने पहले कहा था कि देवस्वोम कमिश्नर की आपत्तियों के बावजूद खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि बिना ठीक से जांच-पड़ताल और क्वालिटी की पहले से पुष्टि किए 1.65 लाख लीटर घी कैसे खरीदा जा सकता था।
केरल हाई कोर्ट ने सबरीमाला के लिए 1.65 लाख लीटर 'मिल्मा' घी की खरीद और सप्लाई में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है। इन गड़बड़ियों में सप्लाई की गई मात्रा को लेकर अलग-अलग दावे, क्वालिटी की जांच और मिलावट की संभावना जैसे मामले शामिल हैं। जस्टिस राजा विजयराघवन V और KV जयकुमार वाली देवस्वोम बेंच ने राज्य सरकार की ओर से प्रस्तावित टीम को मंज़ूरी दे दी है। SP MJ सोजन SIT के हेड होंगे, जबकि विजिलेंस के डिप्टी SP CH हरि इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर होंगे। टीम में चार इंस्पेक्टर भी शामिल होंगे। कोर्ट ने पहले कहा था कि देवस्वोम कमिश्नर की आपत्तियों के बावजूद खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि बिना ठीक से जांच-पड़ताल और क्वालिटी की पहले से पुष्टि किए 1.65 लाख लीटर घी कैसे खरीदा जा सकता था।
बेंच ने कहा था कि जांच के लिए SP रैंक के अधिकारी का होना ज़रूरी नहीं है और जांच का काम किसी काबिल डिप्टी SP रैंक के अधिकारी को भी सौंपा जा सकता है।
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मंत्री ने खामियों को आपराधिक लापरवाही बताया
हाई कोर्ट द्वारा SIT के गठन से पहले, केरल के देवस्वोम मंत्री के. मुरलीधरन ने घोषणा की थी कि कथित अनियमितताओं की जांच क्राइम ब्रांच करेगी। मुरलीधरन ने आरोप लगाया कि सबरीमाला में सप्लाई किए गए घी में मिलावट हो सकती है और संदिग्ध खामियों को "आपराधिक लापरवाही" करार देते हुए चेतावनी दी कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा जांच एक तय समय-सीमा में पूरी होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए। मंत्री के अनुसार, त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने 2025-26 के तीर्थयात्रा सीज़न के दौरान 1.65 लाख लीटर घी की सप्लाई के लिए मिल्मा के साथ एक समझौता किया था। उन्होंने दावा किया कि केवल 1.5 लाख लीटर घी ही सप्लाई किया गया, जो मिल्मा के इस दावे के उलट है कि पूरी मात्रा सप्लाई की गई थी। मंत्री ने कहा कि सबरीमाला में 5,000 लीटर के 30 बैच में घी पहुँचा, लेकिन केवल छह बैच की ही जाँच की गई। आरोप है कि ये सभी छह बैच घटिया क्वालिटी के पाए गए। मुरलीधरन ने कहा यह सिर्फ़ खाने में मिलावट का मामला नहीं है। यह भक्तों को धोखा देने, उनका शोषण करने और उनकी आस्था के साथ विश्वासघात करने जैसा है।
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