केरलम के विश्वविद्यालयों में स्थायी VC की नियुक्ति के लिए कदम उठाए गए: मंत्री

केरलम के विश्वविद्यालयों में स्थायी VC की नियुक्ति के लिए कदम उठाए गए: मंत्री
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उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम जॉन ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि राज्य के विश्वविद्यालयों में स्थायी कुलपतियों की नियुक्ति के लिए शुरुआती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार परिसरों में सांप्रदायिकता या वैचारिक ध्रुवीकरण को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

केरलम सरकार ने राज्य के विश्वविद्यालयों में स्थायी कुलपतियों की नियुक्ति के लिए शुरुआती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम जॉन ने शुक्रवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए जॉन ने कहा कि राज्य के कई विश्वविद्यालयों में अब भी स्थायी कुलपति नहीं हैं और सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल द्वारा कुलाधिपति के रूप में विश्वविद्यालयों के अध्ययन मंडलों और सिंडिकेट के कामकाज में हस्तक्षेप करने की परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। यह स्थिति खास तौर पर पूर्ववर्ती मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के कार्यकाल में बनी रही। उन्होंने कहा कि यह परंपरा अब भी जारी है और यही वास्तविकता है।

कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार पर विश्वविद्यालयों में कथित भगवाकरण के संघ परिवार के एजेंडे के आगे झुकने के विपक्ष के आरोप को खारिज करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार विश्वविद्यालय परिसरों में सांप्रदायिकता बढ़ाने या वैचारिक ध्रुवीकरण की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी। पूर्ववर्ती एलडीएफ सरकार पर निशाना साधते हुए जॉन ने कहा कि मौजूदा सरकार विश्वविद्यालयों से जुड़े मुद्दों को बंद कमरों में गुप्त बातचीत के जरिये सुलझाने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केरलम को उच्च शिक्षा के एक पसंदीदा केंद्र के रूप में विकसित करना है और इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए कार्यक्रमों को लागू करना जारी रखा जाएगा।

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