Kiren Rijiju-Rahul Gandhi मुलाकात, Parliament गतिरोध खत्म होने की उम्मीद?

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और राहुल गांधी की बैठक में संसद गतिरोध खत्म करने के प्रयास हुए, जिसमें विपक्ष ने अमित शाह के इस्तीफ़े की नहीं, बल्कि मुद्दे पर संसद में बयान की मांग रखी। इस मुलाकात को सरकार द्वारा विपक्ष के साथ विश्वास बहाली की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जहाँ प्रमुख लंबित विधेयकों पर भी रायशुमारी की गई।
संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने की कोशिश में, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ लगभग 50 मिनट तक बैठक की। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस बैठक में मौजूद थीं और उन्होंने बातचीत में हिस्सा लिया। यह बैठक संसद परिसर में राहुल गांधी के कार्यालय में हुई। बैठक के बाद रिजिजू ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया और उम्मीद जताई कि संसद में जारी गतिरोध जल्द ही सुलझ जाएगा।
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सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने रिजिजू से कहा कि विपक्ष केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफ़ा नहीं मांग रहा है। इसके बजाय, वे चाहते हैं कि शाह गतिरोध की मुख्य वजह बने मुद्दे पर संसद में बयान दें। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री को सदन को संबोधित करना होगा। सूत्रों ने बताया कि बाद में रिजिजू ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ हुई बातचीत के बारे में जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें कांग्रेस नेताओं के साथ हुई बातचीत के बारे में बताया। सूत्रों के मुताबिक, रिजिजू ने राहुल गांधी से अहम कानूनों पर उनकी राय मांगी, जिनमें प्रस्तावित परिसीमन बिल और फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट (FCRA) से जुड़े संशोधन शामिल हैं। सरकार इन लंबित बिलों पर कांग्रेस पार्टी का रुख जानना चाहती थी।
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इस बैठक को सरकार और कांग्रेस के बीच भरोसा बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले 10 दिनों में रिजिजू और राहुल गांधी के बीच यह दूसरी मुलाकात थी, जो संसद में लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध के बीच बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिशों का संकेत है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार की पहल के तहत रिजिजू समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ भी बातचीत कर सकते हैं।
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