Kolkata Durga Puja भगदड़ मामला: पुलिस ने आयोजकों समेत 12 लोगों को पकड़ा

उत्तर कोलकाता के चोरबागान में महा सप्तमी पर हुए हादसे के बाद पुलिस ने बारह संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में उन्नीस श्रद्धालुओं की जान चली गई थी, जबकि चौबीस लोग जख्मी हुए। विशेष जांच दल और पुलिस दल अब सीसीटीवी फुटेज की मदद से लापरवाही की जांच में जुटे हैं।
कोलकाता पुलिस ने उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना की जांच के सिलसिले में शनिवार रात आयोजकों समेत 12 लोगों को हिरासत में ले लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इस घटना में 19 लोगों की मौत हो गई है और 24 अन्य घायल हुए हैं।
यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद की गई, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का कथित तौर पर निर्वाह नहीं किया। एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमने चोरबागान की घटना की जांच के सिलसिले में 12 लोगों को हिरासत में लिया है। हमारे अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि दुर्घटना किन कारणों से हुई।
यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो हम कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगे।’’ शनिवार शाम महा सप्तमी के दिन बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने के कारण उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मच गई थी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इससे पहले कहा था कि घटना की जांच कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता वाला विशेष जांच दल (एसआईटी) करेगा। उन्होंने कहा कि एसआईटी में विशेष कार्य बल (एसटीएफ), अपराध जांच विभाग (सीआईडी) और अन्य विभागों के सदस्य शामिल होंगे।
कोलकाता पुलिस के ‘एंटी-राउडी सेक्शन’ (एआरएस) ने घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज एकत्र किए हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘हम फुटेज की जांच करेंगे और भीड़ को नियंत्रित करने में नाकाम रहने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे। वह कोई भी हो सकता है.. पूजा समिति का कोई सदस्य, होमगार्ड, अस्थायी कर्मचारी, पुलिसकर्मी या किसी निजी कंपनी का कोई सुरक्षा गार्ड हो सकता है।
किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।’’
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