लोकसभा: विपक्ष के हंगामे के कारण लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर नहीं शुरू हो सकी चर्चा, कार्यवाही स्थगित

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दिल्ली में नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर लोकसभा में सोमवार को भारी हंगामा हुआ। विपक्ष के शोर-शराबे के कारण सरकार द्वारा पेश किए गए लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी। गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग पर अड़े विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

नयी दिल्ली, 27 जुलाई नीट प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर पिछले सप्ताह दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर लोकसभा में सोमवार को विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के कारण प्रश्नपत्र लीक रोकने संबंधी प्रावधानों वाले विधेयक पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी जिसे सरकार ने आज ही सदन में पेश किया था। छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मामले में गृह मंत्री अमित शाह से जवाब देने की मांग कर रहे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे की वजह से सदन की बैठक तीन बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। सरकार ने कांग्रेस पर परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाले लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा नहीं होने देने का आरोप लगाया।

इससे पहले सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा कर रहे विपक्ष के सदस्यों से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया और सत्तापक्ष और विपक्ष से इस मुद्दे पर मिलकर सहमति बनाने की अपील भी की। अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हम इस विषय पर चर्चा चाहते हैं। मैं आपको तीन घंटे का समय देता हूं।

शाम को पांच बजे तक सरकार और सभी दल मिलकर सहमति बनाएं, ताकि पांच बजे इस विधेयक पर चर्चा शुरू हो सके।’’ इसके बाद उन्होंने कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित कर दी। इससे पहले उन्होंने कहा, ‘‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 हमारे देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य, उनकी मेहनत और उनकी आकांक्षाओं से जुड़ा अत्यधिक महत्वपूर्ण विधेयक है। यह विधेयक प्रश्नपत्र लीक जैसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, दोषियों के विरुद्ध कठोर दंड प्रावधान कर करोड़ों युवाओं के हितों की रक्षा की दिशा में अहम कदम है।’’ उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर सभी दलों के सदस्यों के मत और विचार आने चाहिए।

बिरला ने कहा, ‘‘नारेबाजी करने, तख्तियां लहराने से विधेयक पर विचार नहीं होता।’’ उन्होंने इस विधेयक पर चर्चा के लिए छह घंटे का समय देने तथा सदस्य चाहें तो और भी अधिक समय देने का आश्वासन दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा, ‘‘यह इतना महत्वपूर्ण विधेयक है और इस पर इतने अधिक संशोधन के नोटिस आए हैं जिसका मतलब है कि कई सदस्य इस महत्वपूर्ण विधेयक पर अपना मत रखना चाहते हैं।’’ उन्होंने आसन के समीप प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सांसदों की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘फिर चर्चा रोकने के लिए नारेबाजी क्यों कर रहे है। युवाओं की इस पर नजर है।

ऐसे महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा रोककर ये गलत संदेश दे रहे हैं। कांग्रेस से अनुरोध है कि अपने साथियों को समझाएं और चर्चा शुरू करें।’’ शाम पांच बजे बैठक शुरू होने पर रीजीजू ने कहा कि सारे सदस्य तैयारी के साथ आए हैं और विपक्ष के कई सदस्यों ने भी संशोधन के नोटिस दिए हैं तथा वे भी तैयारी के साथ आए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘फिर भी कांग्रेस और उसके कुछ साथी इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा नहीं होने दे रहे।

कांग्रेस के लोग ऐसा काम नहीं करें। पहले ही उनकी (पार्टी की) छवि खराब हो गई है। (इसे) और बदनाम होने का काम नहीं करें।’’ पीठासीन सभापति कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने विपक्षी सदस्यों से चर्चा शुरू कराने में सहयोग करने का आग्रह किया और अपनी अपील का असर नहीं होते देख कार्यवाही कुछ मिनट बाद ही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले 11 बजे सदन की बैठक शुरू होने के बाद कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे को लेकर और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग करते हुए हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। बिरला ने आसन के समीप हंगामा कर रहे कुछ विपक्षी सदस्यों को कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी जो सदन की मर्यादाओं और परंपराओं को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद जब दोपहर 12 बजे आरंभ हुई तो विपक्षी सदस्यों ने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी।

इसी बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। हंगामा नहीं थमने पर बिरला ने दोपहर 12 बजकर आठ मिनट पर सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। नीट प्रश्नपत्र लीक मुद्दे पर गतिरोध के कारण 20 जुलाई को मानसून सत्र की शुरुआत के बाद से सदन में प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके हैं।

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