Tech Mahakumbh! लखनऊ बनेगा ग्लोबल टेक्नोलॉजी हब, एआई, साइबर फॉरेंसिक और डेटा सुरक्षा पर जुटेंगे दुनिया भर के 1200 नीति-निर्माता व विशेषज्ञ

अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी समेत दुनिया के विभिन्न देशों के उद्यमी, टेक विशेषज्ञ और बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि अगले महीने लखनऊ में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संवाद कार्यक्रम में जुटेंगे।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ जल्द ही वैश्विक तकनीक, सुरक्षा और नीति-निर्माण का केंद्र बनने जा रही है। उत्तर प्रदेश राज्य विधि विज्ञान संस्थान (यूपीएसआईएफएस) में आगामी 23 से 25 अक्टूबर तक तीन दिवसीय भव्य अंतरराष्ट्रीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी सहित दुनिया भर से अग्रणी उद्यमी, टेक विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और दिग्गज कंपनियों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। राज्य सरकार द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस तीन दिवसीय आयोजन में देश-विदेश से करीब 1,200 नीति-निर्माता, वरिष्ठ पुलिस व न्यायिक अधिकारी, उद्योगपति, स्टार्टअप संस्थापक, शिक्षक और छात्र एक साझा मंच पर जुटेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर फॉरेंसिक, डाटा सुरक्षा और कानूनी अनुपालन तक भविष्य की तकनीकों पर मंथन होगा। यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉक्टर जी. के. गोस्वामी ने बताया कि प्रदेश के युवाओं को नयी प्रौद्योगिकी में दक्ष बनाया जा रहा है, जिससे रोजगार तथा नए अवसरों की असीम संभावनाएं बनेंगी और इसी उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय संवाद के जरिए नीति, उद्योग और शिक्षा जगत को एक साझा मंच पर लाने की तैयारी है।
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उन्होंने कहा कि सबसे अधिक जोर इस बात पर दिया जा रहा है कि शैक्षणिक संस्थान शोध और प्रतिभा तैयार करें तथा युवाओं के लिए इंटर्नशिप, रोजगार तथा नए अवसरों का रास्ता खुले। गोस्वामी ने बताया कि तीन दिन के इस वैश्विक संवाद के केंद्र में ऐसी तकनीकें होंगी, जो आने वाले वर्षों में उद्योग से लेकर सुरक्षा और न्याय व्यवस्था तक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन और 3-डी प्रिंटिंग के साथ क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम कम्युनिकेशन पर चर्चा की जाएगी।
गोस्वामी ने बताया कि पोस्ट-क्वांटम तैयारियों और इस क्षेत्र में राष्ट्रीय क्षमता विकसित करने जैसे विषय भी विमर्श का हिस्सा होंगे। उन्होंने कहा कि 23 अक्टूबर को कार्यक्रम के पहले दिन मुख्य ध्यान विद्यार्थियों और युवा पेशेवरों को सीधे उद्योग जगत से जोड़ने पर होगा तथा कंपनियों और विशेषज्ञों के साथ संवाद के दौरान इंटर्नशिप और सेवायोजन से लेकर भविष्य में जरूरी कौशल, तकनीकी मार्गदर्शन और मास्टर क्लास तक आयोजित करने की योजना है।
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अधिकारियों ने बताया कि 24 अक्टूबर इस अंतरराष्ट्रीय संवाद कार्यक्रम का मुख्य दिवस होगा जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत और स्टार्टअप की भागीदारी की योजना है। उन्होंने कहा कि इस दौरान विभिन्न कंपनियों और संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापन तथा साझा शोध की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी, जिसका मकसद नीति बनाने वालों और तकनीक विकसित करने वालों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है।
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