Maharashtra CET में गड़बड़ी की जांच के लिए SIT गठित, CM Fadnavis ने दिए FIR के आदेश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा सीईटी से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया है। पुलिस के संयुक्त आयुक्त इन मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच करेंगे और कथित डेटा लीक का फॉरेंसिक ऑडिट भी कराया जाएगा।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि इंजीनियरिंग समेत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए राज्य की प्रवेश परीक्षा, महाराष्ट्र-सीईटी से जुड़ी शिकायतों की व्यापक जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यहां संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा, “अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो कार्रवाई की जाएगी।” हाल ही में, राज्य भर के शिक्षकों और छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने साझा प्रवेश परीक्षा (सीईटी) से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। फडणवीस ने निर्देश दिया है कि इन सभी शिकायतों पर प्राथमिकी दर्ज की जाए और पुलिस के संयुक्त आयुक्त इनकी जांच करें।
उन्होंने कथित डेटा लीक की फॉरेंसिक ऑडिट का भी आदेश दिया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की कुछ परीक्षाओं को टालने का फैसला पहले ही कर लिया है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि एमपीएससी परीक्षाओं के सिलसिले में बनाई गई समिति के अध्यक्ष की बातों का गलत मतलब निकाला गया।
फडणवीस ने कहा, “फिलहाल कोई भी परीक्षा ऑनलाइन आयोजित नहीं की जा रही है,” और साथ ही कहा कि भविष्य में कोई भी फैसला छात्रों से बातचीत के बाद ही लिया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि सरकार राज्य में बारिश की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है, क्योंकि कई जिलों में 30 दिनों से बारिश नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में जिलेवार प्रस्तुतियों के साथ इस मुद्दे पर लगभग 45 मिनट तक चर्चा हुई और सरकार ने संभावित कमी और सूखे जैसे हालात से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के नियमों के तहत, सूखे या पानी की कमी की स्थिति में मदद के लिए पात्रता का पता लगाने के वास्ते आधिकारिक सर्वे पांच अक्टूबर के बाद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “लेकिन हम पांच अक्टूबर तक इंतजार नहीं कर रहे हैं। हमने शुरुआती जानकारी इकट्ठा करना और दूसरे उपायों की तैयारी शुरू कर दी है।” उन्होंने भरोसा दिलाया, “हम किसानों को हालात के भरोसे नहीं छोड़ेंगे।
राज्य सरकार मजबूती से उनके साथ खड़ी रहेगी।
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