नवनीत राणा के बदसलूकी वाले आरोपों पर महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने कही ये बात

नवनीत राणा के बदसलूकी वाले आरोपों पर महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने कही ये बात
ANI

गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने कहा कि महाराष्ट्र की पुलिस को जो अधिकार प्राप्त है वे उस हिसाब से काम कर रही है। मुंबई पुलिस शानदार काम के लिए ही जानी जाती है और आगे भी जानी जाएगी। महाराष्ट्र को अशांत करने की कोशिश हो रही है जो हम सफल नहीं होने देंगे।

महाराष्ट्र में सांसद नवनीच राणा और उनके विधायक पति रवि राणा की गिरफ्तारी के बाद भयंकर राजनीतिक बवाल मचा हुआ है। मामले को लेकर मुंबई से दिल्ली तक सियासी बवाल मचा है। मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का जाप करने के ऐलान के बाद तेजी से बदलते घटनाक्रमों के बीच राणा दंपत्ति कि गिरफ्तारी के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। नवनीत राणा की तरफ से जेल में उनसे बदसलूकी के आरोप लगाए गए थे। अब इस मामले को लेकर महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल की तरफ से बयान सामने आया है। 

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गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने कहा कि महाराष्ट्र की पुलिस को जो अधिकार प्राप्त है वे उस हिसाब से काम कर रही है। मुंबई पुलिस शानदार काम के लिए ही जानी जाती है और आगे भी जानी जाएगी। महाराष्ट्र को अशांत करने की कोशिश हो रही है जो हम सफल नहीं होने देंगे। मैंने बार-बार स्पष्ट किया है जब से मौजूदा सरकार महाराष्ट्र में आई है तब से विपक्ष खुश नहीं है और वे कोशिश कर रहे हैं कि किसी भी हालत में मौजूदा सरकार असंगठित करें। सांसद नवनीत राणा ने पुलिस हिरासत में बदसलूकी के आरोप को पाटिल ने पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान पुलिस और प्रशासन के साथ सरकार की छवि बिगाड़ने की कोशिश है। 

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राणा के पत्र पर लोकसभा सचिवालय ने 24 घंटे में मांगा जवाब

अमरावती सांसद नवनीत राणा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पत्र लिखा है। राणा ने अपने पत्र में कहा कि हालाँकि, मुंबई में कानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की स्थिति को देखते हुए मैंने सार्वजनिक रूप से सीएम आवास जाकर हनुमान चालीसा का जाप करने की योजना को निरस्त कर दिया था। मुझे 23.04.2022 को खार पुलिस स्टेशन ले जाया गया और 23.03.2022 को मैंने पुलिस थाने में रात बिताई ... मैंने रात भर पीने के पानी के बार-बार मांग की, लेकिन पूरे दिन मुझे पीने का पानी उपलब्ध नहीं कराया गया। राणा ने पुलिस अधिकारियों पर बड़ा आरोप लगाते हुए लिखा कि  मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने मुझसे कहा कि मैं अनुसूचित जाति की हूं और इसलिए वे मुझे एक ही गिलास में पानी नहीं देंगे। इस बारे में लोकसभा सचिवालय ने संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से इस बारे में 24 घंटे में जवाब देने के लिए कहा है। 





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