Delhi Police का बड़ा Action: 28 साल तक चकमा देने वाला Proclaimed Offender राजिंदर बैरागी गिरफ्तार

Delhi
ANI
अभिनय आकाश । Aug 6 2026 1:23PM

पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान राजिंदर बैरागी उर्फ ​​राजिंदर सिंह यादव उर्फ ​​डॉ. झटका के तौर पर हुई है। उसे क्राइम ब्रांच की नॉर्दर्न रेंज-1 (NR-1) टीम ने कई राज्यों में चलाए गए ऑपरेशन के बाद मध्य प्रदेश के अशोक नगर ज़िले के मुंगावली से गिरफ़्तार किया।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 53 साल के एक घोषित अपराधी को गिरफ़्तार किया है। यह अपराधी लगभग 28 साल से फ़रार था और हरियाणा पुलिस के एक जवान की हत्या, हत्या की कोशिश के कई मामलों और हथकड़ी लगे होने के बावजूद पुलिस कस्टडी से भागने के मामलों में वांछित था। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान राजिंदर बैरागी उर्फ ​​राजिंदर सिंह यादव उर्फ ​​डॉ. झटका के तौर पर हुई है। उसे क्राइम ब्रांच की नॉर्दर्न रेंज-1 (NR-1) टीम ने कई राज्यों में चलाए गए ऑपरेशन के बाद मध्य प्रदेश के अशोक नगर ज़िले के मुंगावली से गिरफ़्तार किया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, राजिंदर सोनीपत में एक शादी समारोह के दौरान हुई गोलीबारी की घटना में हरियाणा पुलिस के जवान जय भगवान की 1998 में हुई हत्या के मामले में वांछित था। उस पर दिल्ली और हरियाणा में हत्या की कोशिश के कई मामले भी दर्ज थे।

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पुलिस ने बताया कि राजिंदर फरवरी 1999 में गाज़ियाबाद जेल से सोनीपत कोर्ट ले जाते समय गन्नौर रेलवे स्टेशन पर उत्तर प्रदेश पुलिस की कस्टडी से भाग गया था। वह तब से फरार चल रहा था। क्राइम ब्रांच ने बताया कि जांच के दौरान उसकी पहचान पक्की करने और उसका पता लगाने के लिए उन्होंने फील्ड इंटेलिजेंस और टेक्निकल सर्विलांस का इस्तेमाल किया। मिली जानकारी के आधार पर मुंगाओली में छापेमारी की गई, जहां उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान राजिंदर ने कथित तौर पर बताया कि कस्टडी से भागने के बाद वह कुछ समय महाराष्ट्र में रहा, जहां उसने एक केंद्रीय विद्यालय में फिजिकल एजुकेशन टीचर के तौर पर काम किया। बाद में वह मध्य प्रदेश में बस गया, उसने राजिंदर सिंह यादव की पहचान अपना ली और प्रॉपर्टी डीलर तथा डॉ. झटका के नाम से मशहूर एक अनरजिस्टर्ड डॉक्टर के तौर पर काम करने लगा।

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पुलिस ने बताया कि उसने आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे स्थानीय पहचान पत्र भी बनवा लिए थे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, राजिंदर को कई मामलों में 'घोषित अपराधी' (proclaimed offender) करार दिया गया था, जिनमें दिल्ली के जनकपुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज हत्या की कोशिश के दो मामले और हरियाणा के गन्नौर पुलिस स्टेशन में दर्ज हत्या का एक मामला शामिल है।

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