KPSC Recruitment Scam: कर्नाटक और Ahmedabad में ED की बड़ी कार्रवाई, 22 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

ED की यह कार्रवाई बेंगलुरु में दर्ज चार FIR के बाद हुई है, जिनमें वेटेरनरी अधिकारियों की अंतिम चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। आरोपों के अनुसार, कुछ बिचौलियों ने शिकायतकर्ता समेत कई उम्मीदवारों से संपर्क किया और उनके चयन को पक्का करने के बदले प्रति उम्मीदवार 70 लाख से 80 लाख रुपये की रिश्वत मांगी।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक और अहमदाबाद में 21 जगहों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) के ज़रिए वेटनरी अधिकारियों की भर्ती में कथित गड़बड़ियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई। ED के बेंगलुरु ऑफिस ने 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत ये तलाशी अभियान चलाए। ये छापे KPSC ऑफिस, सस्पेंड किए गए KPSC चेयरमैन शिवशंकरप्पा एस. साहूकार और सदस्य शांता होसमनी के घरों, कथित बिचौलियों, वेटनरी अधिकारी के तौर पर चुने गए उम्मीदवारों और परीक्षा पेपर के डिजिटल मूल्यांकन के लिए ज़िम्मेदार एजेंसी 'एडुटेस्ट सॉल्यूशंस' के ऑफिस में मारे गए। गुजरात के अहमदाबाद के अलावा, बेंगलुरु, हासन, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, रायचूर, कारवार, कलबुर्गी और बेलगावी में भी तलाशी ली गई।
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ED की यह कार्रवाई बेंगलुरु में दर्ज चार FIR के बाद हुई है, जिनमें वेटेरनरी अधिकारियों की अंतिम चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। आरोपों के अनुसार, कुछ बिचौलियों ने शिकायतकर्ता समेत कई उम्मीदवारों से संपर्क किया और उनके चयन को पक्का करने के बदले प्रति उम्मीदवार 70 लाख से 80 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। कहा जा रहा है कि शिकायतकर्ता ने इन कथित बिचौलियों के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जांच एजेंसियों को सौंपी है। इस जांच में परीक्षा का पेपर लीक होने, OMR आंसर शीट के साथ छेड़छाड़ करने और KPSC अधिकारियों के रिश्तेदारों के चयन में मदद के लिए भर्ती प्रक्रिया में हेरफेर करने के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।
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ED परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल लोगों और संस्थाओं की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही, एजेंसी कथित वित्तीय लेन-देन, भर्ती प्रक्रिया में हेरफेर और संदिग्ध मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन का रास्ता) से जुड़े दस्तावेजी और डिजिटल सबूत भी तलाश रही है। कर्नाटक के गवर्नर थावरचंद गहलोत ने जुलाई में साहूकार को KPSC भर्ती के ज़रिए उनकी बेटियों के चयन से जुड़े कदाचार के आरोपों के कारण सस्पेंड कर दिया था।
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