Mallikarjun Kharge ने Independence Day पर संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का किया आह्वान

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को बधाई देते हुए पिछले एक दशक में लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक सद्भाव के समक्ष आई गंभीर चुनौतियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत के लिए आजादी का मतलब संविधान द्वारा हर नागरिक को मिले समानता, गरिमा और न्याय का भरोसा है। खरगे ने दलितों, आदिवासियों, युवाओं, किसानों और महिलाओं को उनके अधिकार व समान अवसर मिलने पर जोर दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि पिछले एक दशक में भारत के संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक सद्भाव के सामने गंभीर चुनौतियां आई हैं। खरगे ने कहा कि युवाओं को अपनी आकांक्षायें पूरी करने के अवसर, किसानों को उनकी मेहनत का सम्मान और महिलाओं को समानता, सशक्तीकरण तथा देश के भविष्य को आकार देने में समान आवाज मिलनी चाहिए। उन्होंने ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और स्वतंत्रता संग्राम के अनगिनत सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘पिछले 79 वर्षों में भारत ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, संघर्षों का सामना किया है और सामूहिक संकल्प के साथ आगे बढ़ा है, लेकिन एक राष्ट्र के रूप में कई आकांक्षाएं अभी भी अधूरी हैं।’’ उन्होंने कहा कि भारत के लिए स्वतंत्रता केवल ब्रिटिश शासन से मुक्ति नहीं थी, बल्कि यह संविधान द्वारा प्रत्येक भारतीय को समानता, गरिमा, न्याय और बिना भय के बोलने की स्वतंत्रता का आश्वासन है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘ये मूल्य लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत और प्रत्येक नागरिक के लिए सबसे मजबूत सुरक्षा कवच हैं।’’ खरगे ने कहा कि दलितों, आदिवासियों, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अल्पसंख्यकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को संविधान में किए गए समानता और न्याय के वादे का पूरा लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘इस स्वतंत्रता दिवस पर हमारा सबसे बड़ा संकल्प उम्मीद होना चाहिए।
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