Manipur CM ने Japan जाने वाले 16 युवाओं से कहा: अपनी संस्कृति और पहचान कभी न भूलें

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मणिपुर के 16 युवाओं का दल कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के लिए जापान रवाना हो रहा है। मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने इन अभ्यर्थियों से बातचीत करते हुए उन्हें विदेशी धरती पर भी अपनी मणिपुरी पहचान और परंपराओं को सहेजकर रखने का संदेश दिया। इस पहल के तहत युवाओं को वित्तीय सहायता देने के लिए भारतीय स्टेट बैंक और एसएलईई के बीच समझौता भी हुआ है।

मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने शुक्रवार को कौशल प्रशिक्षण लेने के लिए जापान जाने वाले राज्य के युवाओं से अपील की कि वे अपनी जड़ों (संस्कृति, परंपराओं और राज्य से जुड़ाव) को न भूलें। कुल 16 युवा ‘राज्य आजीविका सशक्तीकरण एवं उद्यमिता’ (लाइवलीहुड एम्पावरमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप) पहल के तहत जापान के विभिन्न हिस्सों में कौशल प्रशिक्षण लेंगे। बातचीत के दौरान, सिंह ने युवाओं को सलाह दी कि वे कभी भी अपनी जड़ों को न भूलें और उनसे आग्रह किया कि वे हमेशा याद रखें कि वे मणिपुरी हैं, भले ही वे पूर्वी एशियाई देश में रह रहे हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा एक विदेशी सरजमीं, संस्कृति, परंपरा और विकास से रूबरू होंगे, लेकिन उन्हें अपनी पहचान से जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पहले मणिपुर के लोग गर्व से खुद को मणिपुरी बताते थे, लेकिन अब कई लोग ऐसा करने में हिचकते हैं, पर इस सोच को बदलने की जरूरत है। अभ्यर्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक और मणिपुर सरकार के उपक्रम एसएलईई के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए।

इन अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) अंतरराष्ट्रीय अकादमी से जापानी का प्रशिक्षण पूरा किया है और उन्हें जापान के विभिन्न हिस्सों (जिनमें तोक्यो और ओकिनावा शामिल हैं) में स्वास्थ्य सेवा तथा आतिथ्य (मेहमाननवाजी) क्षेत्र में नौकरियां मिली हैं।

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