पंजाब में 23 किसान संगठनों का मार्च, गेहूं की फसल पर बोनस की कर रहे मांग

punjab farmer
ANI
अंकित सिंह । May 17, 2022 4:21PM
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों को मुलाकात के लिए बुलाया है। हालांकि की अब तक तय नहीं हो पाया है कि मीटिंग कहां होगी। किसानों ने कहा कि पंजाब में कई किसानों विशेष रूप से बड़े गेहूं उत्पादकों ने बाद में अधिक रिटर्न प्राप्त करने की उम्मीद में फसल का भंडारण किया है।

पंजाब में किसानों का विरोध प्रदर्शन एक बार फिर से शुरू हो गया। पंजाब के 23 किसान यूनियनों ने गेहूं की फसल पर बोनस की मांग को लेकर चंडीगढ़ की ओर मार्च शुरू कर दिया है। एक किसान ने दावा किया है कि गेहूं के लिए 500 रुपये बोनस की मांग पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सहमति जताई थी लेकिन अधिसूचना जारी नहीं हुई है। इसके साथ ही, किसानों की ओर से बासमती, मूंग पर भी एमएसपी के अनुरूप अधिसूचना जारी करने की मांग की गई है। किसान लगातार बिजली के लिए प्रीपेड मीटर नहीं लगाए जाने के बात कह रहे हैं। इन तमाम मांगों को अगर सरकार नहीं मानती है तो वह चंडीगढ़ में दिल्ली जैसा मोर्चा बनाएंगे। जाहिर सी बात है कि पंजाब के किसानों ने अब भगवंत मान की सरकार के सामने जिस तरीके से दबाव बनाने की शुरुआत की है, कहीं ना कहीं इसकी चर्चा आने वाले समय में भी होती रहेगी। 

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दूसरी और खबर यह भी है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों को मुलाकात के लिए बुलाया है। हालांकि की अब तक तय नहीं हो पाया है कि मीटिंग कहां होगी। किसानों ने कहा कि पंजाब में कई किसानों विशेष रूप से बड़े गेहूं उत्पादकों ने बाद में अधिक रिटर्न प्राप्त करने की उम्मीद में फसल का भंडारण किया है। भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां ने कहा, ‘‘यह किसान विरोधी फैसला है।’’ उन्होंने कहा कि निर्यात प्रतिबंध उन किसानों को प्रभावित करेगा जिन्होंने घरेलू बाजार में कीमतों में वृद्धि होने पर अधिक लाभ प्राप्त करने की उम्मीद में फसल का भंडारण किया था।

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पंजाब सरकार ने रविवार को राज्य की 232 मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की खरीद 31 मई तक जारी रखने का आदेश दिया। राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारुचक ने रविवार को कहा कि गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध से घरेलू बाजार में खाद्यान्न की कीमतों में गिरावट की संभावना है। पंजाब से गेहूं की खरीद भी कम उपज के कारण 132 लाख टन के लक्ष्य से कम रहने की संभावना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अबतक 102.27 लाख टन अनाज की मंडियों में हुई आवक में से, सरकारी खरीद एजेंसियों ने 96.17 लाख टन गेहूं खरीदा है, जबकि निजी व्यापारियों ने 6.10 लाख टन की खरीद की है।

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