Kashmir के Bandipora में Cloudburst से भारी तबाही, सैलाब में डूबे दर्जनों घर और सैकड़ों एकड़ ज़मीन

बाढ़ जैसे हालात की वजह से स्थानीय लोगों में घंटों तक दहशत का माहौल रहा। लोग अपने बच्चों और जानवरों को बचाते हुए घरों से निकलकर ऊंचे इलाकों की ओर भागने लगे। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले, इसी महीने 4 जून की शाम को जम्मू-कश्मीर के रियासी ज़िले के पहाड़ी बाथोई इलाके में बादल फटने की एक और घटना हुई थी, जिसमें कई घर क्षतिग्रस्त हो गए थे।
उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा ज़िले में नियंत्रण रेखा के पास गुरेज़ के दूर-दराज़ इलाके में स्थित तुलाल घाटी के टरटेई किलो गांव में बादल फटने की घटना हुई। अचानक और लगातार पानी गिरने और तेज़ी से बहते मलबे के कारण गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए, जिससे दर्जनों रिहायशी मकानों को नुकसान पहुंचा और सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि पानी में डूब गई। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
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बाढ़ जैसे हालात से स्थानीय लोगों में दहशत
बाढ़ जैसे हालात की वजह से स्थानीय लोगों में घंटों तक दहशत का माहौल रहा। लोग अपने बच्चों और जानवरों को बचाते हुए घरों से निकलकर ऊंचे इलाकों की ओर भागने लगे। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले, इसी महीने 4 जून की शाम को जम्मू-कश्मीर के रियासी ज़िले के पहाड़ी बाथोई इलाके में बादल फटने की एक और घटना हुई थी, जिसमें कई घर क्षतिग्रस्त हो गए थे। हालांकि, उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
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इससे पहले तीन ज़िलों में बादल फटने की चार घटनाएं हुई थीं
जम्मू क्षेत्र में हाल के दिनों में बादल फटने की यह पांचवीं घटना है। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के तीन ज़िलों डोडा, किश्तवाड़ और पुंछ में बादल फटने की चार घटनाएं हुईं, जिससे कई इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई और सड़कें बंद हो गईं, हालांकि जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
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