MEA का बयान: दोहरे इस्तेमाल वाली चीजों का भारत का निर्यात अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि दोहरे इस्तेमाल वाली चीजों का भारत से होने वाला सारा निर्यात राष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप है। मंत्रालय ने एमनेस्टी इंटरनेशनल के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें गाजा में युद्ध अपराधों के जोखिम के बावजूद इज़राइल को हथियार आपूर्ति का दावा किया गया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत के पास रणनीतिक व्यापार नियंत्रण के लिए एक मजबूत कानूनी और नियामक ढांचा है।
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि दोहरे इस्तेमाल वाली चीजों का भारत से होने वाला सारा निर्यात राष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप है। मंत्रालय ने एमनेस्टी इंटरनेशनल के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि गाजा में युद्ध अपराधों में इस्तेमाल होने के जोखिम के बावजूद नयी दिल्ली ने इजराइल को हथियारों की आपूर्ति जारी रखी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत के पास रणनीतिक व्यापार नियंत्रण के लिए एक मजबूत कानूनी और नियामक ढांचा है।
हम अपने राष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुसार विभिन्न देशों को दोहरे इस्तेमाल वाली वस्तुओं और प्रौद्योगिकियों का निर्यात करते हैं।” एमनेस्टी इंटरनेशनल इजराइल को हथियारों और सैन्य साजो-सामान की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आपूर्ति, बिक्री या हस्तांतरण पर रोक लगाने की लंबे समय से मांग करता आ रहा है। बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आरोप लगाया कि भारतीय कंपनियां इजराइल को हथियार या दोहरे इस्तेमाल वाली चीजें निर्यात करती रहीं, जबकि सार्वजनिक रूप से आगाह किया गया था कि इजराइली सेना गाजा में “मानवता के खिलाफ अपराधों” में इनका इस्तेमाल कर सकती है। मानवाधिकार निगरानी संस्था ने कहा था कि भारत और भारतीय कंपनियों को इजराइल को हथियार, गोला-बारूद और अन्य सैन्य साजो-सामान की आपूर्ति तुरंत रोक देनी चाहिए।
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