Meerut Police: सपा नेताओं से मारपीट के आरोप में थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

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उत्तर प्रदेश के मेरठ में समाजवादी पार्टी नेताओं के साथ कथित मारपीट के आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए शनिवार को सिविल लाइंस थाना प्रभारी सहित आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन भेज दिया गया। सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह इस मामले की जांच कर रहे हैं, जबकि उपनिरीक्षक अरुण भाटी को सिविल लाइंस का नया थाना प्रभारी बनाया गया है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के दो नेताओं द्वारा तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडेय समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर मारपीट के लगाए गए आरोपों की जांच के बीच, मेरठ में सिविल लाइंस थाना प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को शनिवार को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर के आदेश पर मामले की जांच सहारनपुर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अभिषेक सिंह कर रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, संबंधित पुलिसकर्मियों को इसलिए लाइन हाजिर किया गया है ताकि जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे। लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में सिविल लाइंस थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़, उपनिरीक्षक मुलायम सिंह, हेड कांस्टेबल हरि ओम, कांस्टेबल मुकेश कुमार, हेड कांस्टेबल श्याम बाबू, कांस्टेबल सुमित कुमार, कांस्टेबल नीलम लौर और चालक ललित कुमार शामिल हैं। इससे पहले, सपा नेता दिग्विजय सिंह भाटी और मोहित जाटव ने आरोप लगाया था कि 19 अगस्त को तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय से मिलने के दौरान उनके साथ ‘‘गाली-गलौज और मारपीट’’ की गई।

भाटी ने आरोप लगाया कि एसएसपी के कक्ष में पिटाई के बाद उन्हें सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ के जरिए विशेष अभियान समूह (एसओजी) के कार्यालय ले जाया गया, जहां उनके हाथ-पैर बांधकर उन्हें ‘‘डंडों से पीटा गया।’’ भाटी ने यह भी आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया और उन्हें यह धमकी दी कि घटना के बारे में मीडिया से बात करने पर उनका और बुरा हाल किया जाएगा। मोहित जाटव ने भी पुलिसकर्मियों पर उन्हें ‘‘मुठभेड़ की धमकी’’ देने का आरोप लगाया था। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

सपा विधायक अतुल प्रधान ने मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए कहा था कि पुलिस कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से घटना की सच्चाई सामने आ सकती है। इस बीच, पुलिस अधीक्षक (नगर) विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के जरिए सामने आए पुलिसकर्मियों द्वारा कथित मारपीट के मामले को गंभीरता से लिया गया है तथा जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। एसएसपी के आदेश पर सिविल लाइंस थाने के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़ को पुलिस लाइन स्थानांतरित कर दिया गया है।

भोसले ने बताया कि उपनिरीक्षक अरुण भाटी को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।

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