Meghalaya जाने वाले रास्तों पर टैक्सी चालकों की नाकाबंदी, Guwahati में होगी मंत्रियों की बैठक

शिलॉन्ग में हुई हिंसा के विरोध में असम के कैब चालकों द्वारा मेघालय की सीमा पर रास्ते बंद किए जाने से शनिवार को लगातार तीसरे दिन यातायात ठप रहा। गतिरोध समाप्त करने के लिए दोनों राज्यों के मंत्रियों के बीच गुवाहाटी में अहम बैठक तय की गई है। कैब संगठनों ने जोराबाट और खानापारा के अलावा रानी, बोको, हाहिम और लांपी मार्गों पर भी वाहनों की आवाजाही रोक दी है।
छात्रों की रैली के दौरान असम के लोगों पर हुए कथित हमलों के विरोध में गुवाहाटी के टैक्सी चालकों द्वारा मेघालय में प्रवेश के कई मार्ग बंद कर किए जाने से राज्य (मेघालय) में शनिवार को लगातार तीसरे दिन यातायात बाधित रहा। गतिरोध का समाधान निकालने के लिए दिन में गुवाहाटी में अंतरराज्यीय मंत्री स्तर की बैठक होने वाली है। इस बीच असम के वाहनों को भी मेघालय में प्रवेश करने से रोका जा रहा है।
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कैब संचालकों और चालकों के संगठनों में शामिल असम स्टेट ड्राइवर्स यूनियन ने कहा कि उसने मेघालय जाने वाले रानी, बोको, हाहिम और लांपी रोड के प्रवेश बिंदु भी बंद कर दिए हैं। इससे पहले मेघालय सरकार ने यात्रियों को इन वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। कैब संचालक पहले से ही जोरबाट और खानापारा क्षेत्रों में यातायात रोक रहे थे।
ये मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग जाने के लिए राज्य में प्रवेश के मुख्य मार्ग हैं। जोराबाट में एक टैक्सी चालक ने कहा, “जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलता, हम विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। आधे-अधूरे समाधान स्वीकार नहीं किए जाएंगे।” उल्लेखनीय है कि 19 अगस्त को शिलॉन्ग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) की ओर से आयोजित मोटरसाइकिल रैली के दौरान हिंसा भड़क गई थी।
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मेघालय पुलिस ने कहा था कि असम के वाहनों समेत कम से कम 31 वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया, जबकि 16 लोग घायल हुए और दो वाहनों में आग लगा दी गई।
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