महबूबा मुफ्ती बोलीं, ऐसा लगता है जैसे गांधी का भारत गोडसे के भारत में बदल रहा है

महबूबा मुफ्ती बोलीं, ऐसा लगता है जैसे गांधी का भारत गोडसे के भारत में बदल रहा है

उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान आगरा में जब कुछ युवाओं ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम की जय-जयकार की तो उनके पक्ष में एक वकील तक बोलने को तैयार नहीं हुआ।

अनुच्छेद 370 हटने के बाद पीडीपी की अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती लगातार मोदी सरकार पर हमलावर हैं। इसी कड़ी में एक बार फिर से महबूबा मुफ्ती ने सरकार पर बड़ा हमला किया है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि ऐसा लगता है कि गांधी का भारत अब गोडसे का भारत बन गया है। दरअसल, महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के दौर में भारत और पाकिस्तान के बीच एक क्रिकेट मैच याद है, जहां पाक के नागरिक भारत के लिए जयकार कर रहे थे और भारत के नागरिक पाकिस्तान के लिए जयकार कर रहे थे। और पाक के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने भी की तत्कालीन भारतीय कप्तान एमएस धोनी की तारीफ की थी।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान आगरा में जब कुछ युवाओं ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम की जय-जयकार की तो उनके पक्ष में एक वकील तक बोलने को तैयार नहीं हुआ। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लगता है कि गांधी का भारत अब गोडसे का भारत बनता जा रहा है। आपको बता दे कि टी-20 विश्वकप में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच हुआ था जिसमें टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था। भारत की हार के बावजूद भी देश के कई हिस्सों में जश्न मनाया गया था। उत्तर प्रदेश में भी जश्न की जो खबरें आई, इसी कड़ी में कई जगहों पर जश्न मनाने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले दर्ज किए। 

महबूबा ने कहा- कश्मीर दर्द में है

इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दिया और मांग की कि केंद्र शासित प्रदेश में लोगों को कथित रूप से दबाना और बेगुनाह नागरिकों की हत्या फौरन बंद की जाए। उन्होंने कहा कि वह जब भी विरोध प्रदर्शन करना चाहती थीं, तो या उन्हें घर में नज़रबंद कर दिया जाता था या पुलिस उन्हें ले जाती थी। जंतर मंतर पर धरने में पीडीपी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया, “कश्मीर एक ऐसी जेल बन गई है, जहां लोगों को अपनी राय रखने की इजाजत नहीं है। अगस्त 2019 से उनका (लोगों का) दमन किया जा रहा है और मुझे हैरानी है कि सरकार कुछ पेड (पैसा लेने वाले) मीडिया की मदद से घाटी में सब कुछ ठीक-ठाक दिखाने में मसरूफ है।” 





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