मिर्ची बाबा और पूर्व मंत्री ने बंद कमरे में की चर्चा, एक दूसरे को मिठाई खिलाकर दूर की गलतफहमी

मिर्ची बाबा और पूर्व मंत्री ने बंद कमरे में की चर्चा, एक दूसरे को मिठाई खिलाकर दूर की गलतफहमी

मिर्ची बाबा ने कहा कि गोविंद सिंह लाड़ले है। गोविंद सिंह धर्म की लड़ाई लड़ते है। हम भी धर्म की लड़ाई लड़ते हैं। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से सामान्य चर्चा हुई है। कांग्रेस में हमेशा धर्म और धर्मगुरुओं का सम्मान किया है।

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में मिर्ची बाबा को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप पर विराम लग गया है। शुक्रवार को पूर्व मंत्री गोविंद सिंह और पूर्व मंत्री पी सी शर्मा ने मिर्ची बाबा से मुलाकात की। इन तीनों की मंद कमरे में लंबी चर्चा हुई।

दरअसल चर्चा के बाद इनके बीच के गिले-शिकवे दूर हो गए हैं। मिर्ची बाबा को लेकर बयानबाजी के बाद आपस में आई कड़वाहट खत्म हो गई है। मिर्ची बाबा और गोविंद सिंह ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर गलतफहमी दूर की है।

इसे भी पढ़ें:भू-अर्जन के खिलाफ जनता में आक्रोश, ग्रामीणों ने सड़क पर किया प्रदर्शन 

इस अवसर पर मिर्ची बाबा ने कहा कि गोविंद सिंह लाड़ले है। गोविंद सिंह धर्म की लड़ाई लड़ते है। हम भी धर्म की लड़ाई लड़ते हैं। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से सामान्य चर्चा हुई है। कांग्रेस में हमेशा धर्म और धर्मगुरुओं का सम्मान किया है।

इधर पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि महाराज जी मेरे ही जि़ले के हैं। मैं धर्मगुरुओं का सम्मान करता हूं। महाराज जी का सम्मान करता हूं। सारी गलतफेहमिया दूर हो गई है। मिर्ची बाबा और गोविंद सिंह ने एक दूसरे को मिठाई भी खिलाई।

इसे भी पढ़ें:मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के 530 नए मामले सामने आये, दो की मौत 

आपको बता दें कि मिर्ची बाबा पीसी शर्मा के बंगले पहुंचे, जहां मिर्ची बाबा और गोविंद सिंह के साथ बंद कमरे में तीनों की चर्चा हुई। कल ही मिर्ची बाबा ने डॉ.गोविंद सिंह के खिलाफ बयान दिया था। मिर्ची बाबा ने गोविंद सिंह पर अपमान के आरोप लगाए थे।

उनके आरोप के बाद गोविंद सिंह ने कहा था कि बाबाओं को राजनीति छोड़कर हिमालय में जाकर आराधना करना चाहिए। इस आरोप-प्रत्यारोप के बाद दोनों के बीच कड़वाहट आ गई थी। जिसे दूर करने आज बंद कमरे में चर्चा हुई।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।