शेयर बाजार में 5 फीसदी मुनाफे का झांसा देकर 30 करोड़ ठगने वाला Roshan Bhushan Seth गिरफ्तार

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने शेयर बाजार में फर्जी निवेश और मुनाफे का लालच देकर 30 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले रोशन भूषण सेठ को गुजरात के वलसाड से पकड़ा है। आरोपी तीन अलग-अलग पहचान और विग पहनकर भेष बदलकर रह रहा था। पुलिस ने उसके पास से लग्जरी कारें, सोने के जेवर और 17 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
शेयर बाजार घोटाले के जरिए निवेशकों से 30 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने के आरोपी एवं पहचान छिपाकर रहने वाले 56 वर्षीय ठग को गुजरात से गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने तीन अलग अलग पहचान बनाई थी और विग पहनकर अपना वेश बदलता रहता था।
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के अधिकारी ने बताया कि आरोपी रोशन भूषण सेठ ने इस धोखाधड़ी से मिले पैसों से आलीशान फ्लैट, महंगी कारें और महंगी घड़ियां खरीदीं और शानदार जिंदगी जी। उसने महाराष्ट्र और गुजरात में 42 लोगों को निवेश पर हर महीने पांच फीसदी मुनाफे का लालच देकर ठगा। उन्होंने बताया कि ईओडब्ल्यू ने सेठ को जुलाई में गुजरात के वलसाड की एक रिहायशी इमारत से गिरफ्तार किया।
जांच एजेंसी के मुताबिक सेठ ने निवेशकों को फर्जी मुनाफा विवरण दिखाया और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके पैसे का शेयर बाजार में निवेश किया गया है। कुल मूल निवेश लगभग पांच करोड़ रुपये है लेकिन पीड़ितों (जिनमें एक एक अनिवासी (एनआरआई) महिला भी शामिल है) द्वारा बताया गया कुल नुकसान लगभग 30.26 करोड़ रुपये है। यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब कांदिवली के रहने वाले संजय हीरालाल शाह (60) ने अप्रैल में मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती से संपर्क किया और आरोप लगाया कि उनके परिवार के साथ 10.81 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है।
जांच में पता चला कि सेठ ने 2020 में ‘इन्वेस्टॉक’ नामक ट्रेडिंग ऐप बनाने के बहाने शाह के सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटे से दोस्ती की थी। आरोप है कि उसने परिवार को भारी निवेश करने के लिए मनाया और अन्य निवेशकों को भी लुभाने के लिए इसी तरह का तरीका अपनाया। तकनीकी निगरानी के बाद ईओडब्ल्यू की एक टीम ने सेठ को वलसाड की एक आवासीय इमारत में खोज निकाला।
अधिकारियों ने तीन दिन तक निगरानी रखी और सफाई कर्मचारियों का भेष बनाकर उसके फ्लैट में प्रवेश करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को पता चला कि सेठ तीन अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल करके रह रहा था। युवावस्था में वह जयेश हसमुखभाई शाह के नाम से रहा था, दिल्ली में रहने के दौरान वह राहुल अतुलभाई पारेख के नाम से रहा था और मुंबई में रोशन भूषण सेठ के नाम से जाना जाता था।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने एक बीएमडब्ल्यू, एक मर्सिडीज, एक महिंद्रा थार, 14 महंगी घड़ियां, 1.67 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण और 17 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। इसके अलावा तीन आवासीय संपत्ति को भी कुर्क किया गया है। उन्होंने बताया कि एक सितंबर को दाखिल आरोपपत्र में 37 गवाहों के नाम शामिल हैं।
इनमें वे सैलून कर्मचारी भी शामिल हैं, जो सेठ की विग की देखभाल करते थे और जिनकी मदद से पुलिस उसकी पहचान की पुष्टि कर सकी। ईओडब्ल्यू ने बाकी पीड़ितों से भी अपनी निवेश संबंधी जानकारी के साथ सामने आने की अपील की है।
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