Bihar में NEET Re-Test के दौरान 'मुन्नाभाई' गैंग का भंडाफोड़, Medical Students समेत 24 अरेस्ट

Bihar
ANI
अभिनय आकाश । Jun 22 2026 1:02PM

पेपर लीक विवाद के बाद मूल परीक्षा रद्द होने के बाद रविवार को 20 लाख से ज़्यादा मेडिकल उम्मीदवारों ने NEET (UG) री-टेस्ट दिया, और इसी दौरान इस गिरोह का पर्दाफ़ाश हुआ। पुलिस को शक है कि गया के ANM मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल का मेडिकल स्टूडेंट अर्पित राज, इस कथित नेटवर्क के मास्टरमाइंड्स में से एक है।

बिहार के लखीसराय में NEET-UG री-टेस्ट के दौरान "मुन्ना भाई MBBS" फ़िल्म की तरह नकल कराने वाले एक गिरोह का पर्दाफ़ाश हुआ है। पुलिस का आरोप है कि यह गिरोह उम्मीदवारों की जगह मेडिकल एंट्रेंस एग्ज़ाम देने के लिए "सॉल्वर" का इंतज़ाम करता था। इस कार्रवाई में 24 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, जिनमें मेडिकल छात्र और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी शामिल हैं। पेपर लीक विवाद के बाद मूल परीक्षा रद्द होने के बाद रविवार को 20 लाख से ज़्यादा मेडिकल उम्मीदवारों ने NEET (UG) री-टेस्ट दिया, और इसी दौरान इस गिरोह का पर्दाफ़ाश हुआ। पुलिस को शक है कि गया के ANM मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल का मेडिकल स्टूडेंट अर्पित राज, इस कथित नेटवर्क के मास्टरमाइंड्स में से एक है। इससे पहले CBI ने 2024 NEET पेपर लीक मामले में राज से पूछताछ की थी। इस मामले में एक और मेडिकल स्टूडेंट, पटना मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (PMCH) के MBBS थर्ड-ईयर के स्टूडेंट मयंक कश्यप को भी गिरफ़्तार किया गया। जांच के तहत, परीक्षा प्रक्रिया में शामिल बायोमेट्रिक कंपनी के चौदह कर्मचारियों को भी गिरफ़्तार किया गया। 

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प्रॉक्सी एग्ज़ाम नेटवर्क का पर्दाफ़ाश

यह कथित नेटवर्क तब जांच के दायरे में आया जब मयंक कश्यप ने कथित तौर पर बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी बनकर हसनपुर हाई स्कूल परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया। जांच के दौरान पकड़ा जाने वाला वह पहला व्यक्ति था, जिसके बाद पुलिस ने लखीसराय के KRK हायर सेकेंडरी स्कूल और केंद्रीय विद्यालय में छापेमारी की। इन छापों के दौरान, सात उम्मीदवारों और इस कथित रैकेट से जुड़े कई अन्य लोगों को गिरफ़्तार किया गया। जांच करने वालों को शक है कि गैंग ने अंदर के लोगों की मदद से और उम्मीदवारों की जगह ट्रेंड सॉल्वर (सवाल हल करने वाले) बिठाकर परीक्षा प्रक्रिया में हेरफेर करने की योजना बनाई थी।

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मेडिकल और नर्सिंग के छात्र गिरफ़्तार

जांच में मेडिकल और नर्सिंग बैकग्राउंड के छात्रों की भी भूमिका सामने आई है। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी की नर्सिंग छात्रा पूनम कुमारी को कथित तौर पर किसी दूसरे उम्मीदवार के तौर पर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। एम्स रायबरेली के छात्र सौरभ झा को भी गिरफ़्तार किया गया। दिल्ली के शाहदरा मेडिकल कॉलेज के इंटर्न अमन अग्रवाल भी पकड़े गए लोगों में शामिल थे, जबकि नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के नर्सिंग छात्र संजीत और उनके भाई को भी गिरफ़्तार किया गया।

पाबंदियों के बावजूद शामिल होने से नहीं रोका जा सका

जांच में यह सवाल उठा है कि NEET परीक्षा के दौरान संस्थानों की पाबंदियों के बावजूद मेडिकल छात्र कथित तौर पर इसमें कैसे शामिल हो पाए। मेडिकल कॉलेजों ने छात्रों को परीक्षा के दौरान कैंपस से बाहर न जाने का निर्देश दिया था। PMCH समेत कई संस्थानों ने निगरानी के उपायों के तहत सेमिनार और क्विज़ आयोजित किए थे। हालांकि, खबर है कि कुछ छात्र इन गतिविधियों में शामिल नहीं हुए। पुलिस को पता चला कि मयंक कश्यप बीमारी का बहाना बनाकर कॉलेज से निकला था और बाद में उसे लखीसराय में गिरफ्तार कर लिया गया। बिहार पुलिस की जांच अब पूरे नेटवर्क का पता लगाने, इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और NEET की दोबारा परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के दायरे का पता लगाने पर केंद्रित है। 

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