'हमारे संपर्क में हैं 10-15 विधायक', आदित्य ठाकरे बोले- बाढ़ से प्रभावित असम को छोड़कर बागियों पर खर्चा हो रहा लाखों रुपए

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महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में पिछले 2-4 दिनों को देखकर ऐसा लगता है कि जो चले गए, वों अच्छे के लिए गए... पूरे देश ने देखा कि कोरोना के दौरान सबसे अच्छा काम करने वालों को अपना सरकारी आवास छोड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने मुझसे कहा कि कई नेता आएंगे और जाएंगे।

मुंबई। महाराष्ट्र में जारी सियासी उठापटक का आज छठवां दिन है। ऐसे में एक-दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बागी विधायकों ने गुवाहाटी के रेडिसन ब्लू होटल में डेरा जमाया हुआ है, जहां पर एक अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में बागी विधायक आगे की रणनीति तैयार करेंगे। इसी बीच महाविकास अघाड़ी सरकार में मंत्री और शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे का बयान सामने आया। जिसमें उन्होंने बागियों पर जमकर हमला बोला। 

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में पिछले 2-4 दिनों को देखकर ऐसा लगता है कि जो चले गए, वों अच्छे के लिए गए... पूरे देश ने देखा कि कोरोना के दौरान सबसे अच्छा काम करने वालों को अपना सरकारी आवास छोड़ना पड़ा।

हमारे संपर्क में हैं 10-15 विधायक

उन्होंने कहा कि कई लोगों ने मुझसे कहा कि कई नेता आएंगे और जाएंगे लेकिन कोई भी इस मुख्यमंत्री जैसा नहीं होगा... वे सूरत और फिर गुवाहाटी क्यों गए? पार्टी तोड़ने के लिए ही गए। वहां कई विधायक ऐसे हैं जिन्हें वहां रहने के लिए मजबूर किया गया है। 10-15 विधायक हमारे संपर्क में हैं। 

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आदित्य ठाकरे ने कहा कि हमारे उन विधायकों पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं जिन्हें जबरन वहां ले जाया गया। उन पर प्रतिदिन 9 लाख रुपए खर्च किया जा रहा है और उसी असम में लाखों बाढ़ पीड़ितों को उनके हालातों पर छोड़ दिया गया है। पहली बार विपक्ष सत्ताधारी दल छोड़कर किसी गुट का समर्थन कर रहा है।

इसी बीच उन्होंने कहा कि अगर आपको शिवसेना के बिना लड़ने के लिए सत्ता में आना है तो हम फिर से लड़ने के लिए तैयार हैं। हम अब किसी भी कीमत पर देशद्रोहियों को जीतने नहीं देंगे... इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुख्यमंत्री (उद्धव ठाकरे) को फोन किया।

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