अंसारी पर भाजपा का प्रहार, नकवी ने कहा: मोदी विरोध की ‘सनक’ अब भारत विरोध में हुई तब्दील

Mukhtar Abbas Naqvi
नकवी ने कहा, ‘‘वहां पर भारत में असहिष्णुता की बात कही जा रही थी... भारत के राष्ट्रवाद पर सवाल खड़े किए गए... यह वह संस्था है, जिसका संबंध आईएसआई के साथ है... उसका संबंध ऐसे तमाम संगठनों के साथ है, जो पूरी दुनिया में शांति और सौहार्द को छिन्न-भिन्न करने की कोशिश और षड्यंत्र में लगे रहते हैं।’’

नयी दिल्ली| सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा दिए गए एक बयान के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को उन्हें आड़े हाथों लिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध की ‘‘सनक’’ अब भारत विरोध में तब्दील हो गई है।

‘इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल’ द्वारा डिजिटल तरीके से आयोजित एक पैनल चर्चा में अंसारी ने कहा था कि हाल के वर्षों में उन्होंने उन प्रवृत्तियों और प्रथाओं के उद्भव का अनुभव किया है, जो नागरिक राष्ट्रवाद के सुस्थापित सिद्धांत को लेकर विवाद खड़ा करती हैं और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की एक नयी एवं काल्पनिक प्रवृति को बढ़ावा देती हैं।

उन्होंने आगे कहा था, ‘‘वह नागरिकों को उनके धर्म के आधार पर अलग करना चाहती हैं, असहिष्णुता को हवा देती हैं और अशांति एवं असुरक्षा को बढ़ावा देती हैं।’’

इस बयान के लिए अंसारी को आड़े हाथों लेते हुए केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जब देश गणतंत्र दिवस का जश्न मना रहा था और श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराया जा रहा था, उस समय देश के संवैधानिक पद पर बैठे एक व्यक्ति द्वारा देश की छवि को लगातार खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि वह भी एक ऐसे मंच से, जिसने पूरी दुनिया में भारत को बदनाम करने की साजिश का बीड़ा उठा रखा है।

नकवी ने कहा, ‘‘वहां पर भारत में असहिष्णुता की बात कही जा रही थी... भारत के राष्ट्रवाद पर सवाल खड़े किए गए... यह वह संस्था है, जिसका संबंध आईएसआई के साथ है... उसका संबंध ऐसे तमाम संगठनों के साथ है, जो पूरी दुनिया में शांति और सौहार्द को छिन्न-भिन्न करने की कोशिश और षड्यंत्र में लगे रहते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत विरोधी ब्रिगेड की... मोदी विरोधी सनक अब भारत विरोध की हद तक पहुंच चुकी है।’’ उन्होंने कहा कि भारत का सांस्कृतिक राष्ट्रवाद है, हमारी संवैधानिक प्रतिबद्धता है और जो लोग इससे अनभिज्ञ हैं, मोदी विरोध के लिए भारत विरोध की पराकाष्ठा तक पहुंच गए हैं।

अंसारी के बयान की कड़ी निंदा करते हुए नकवी ने सवाल किया कि क्या पाकिस्तान में हिंदू धर्म का कोई व्यक्ति राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति बन सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पंथनिरपेक्षता की गारंटी है, सहिष्णुता हमारा संस्कार है, हमारी संस्कृति है। इसके लिए हमें किसी से प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़