BJP को मात देने के लिए NCP कार्यकर्ता RSS से सीखेंगे चुनावी कैंपेन का तरीका

By अभिनय आकाश | Publish Date: Jun 7 2019 4:41PM
BJP को मात देने के लिए NCP कार्यकर्ता RSS से सीखेंगे चुनावी कैंपेन का तरीका
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राकांपा प्रमुख ने संघ की सक्रियता को बारिकी से भांपते हुए अपने कार्यकर्ताओं को विविरण देकर सारी कार्यशैली समझाने की कोशिश भी कि और कहा कि पार्टी के लोगों को यह देखना चाहिए कि आरएसएस के कार्यकर्ता किस तरह से काम करते हैं। अगर वो पांच घरों तक जाते हैं और उनमें से कोई एक घर बंद होता है तो वो दोबारा आते हैं। कार्यकर्ता तब तक आते रहते हैं जब तक कि उस घर के लोगों तक वो अपना संदेश नहीं पहुंचा दें।

मुंबई। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का संघ यानी आरएसएस को लेकर हमलावर रहना तो आम बात है व एक बार राहुल ने तो संघ की तुलना अरब देशों में सक्रिय आतंकवादी संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड से भी कर दी थी। लेकिन कांग्रेस की सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने संघ को गुरू मान कर महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा को मात देने की तैयारी में है। राकांपा प्रमुख को संघ कि सक्रियता और कैंपेन का तरीका इतना भा गया कि अपने कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की तरह काम करने की सलाह दी है। शरद पवार ने कहा है कि कार्यकर्ता चुनाव आ जाने पर जनता से संपर्क साधते हैं, इसीलिए उन्हें मतदाताओं का समर्थन नहीं मिलता है। राकांपा अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को आरएसएस की किताब के एक-दो पन्ने पढ़ने की नसीहत भी दी है। 

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शरद पवार ने कहा कि कार्यकर्ताओं को आज से ही लोगों से मिलने के लिए उनके घर तक जाना शुरू कर देना चाहिए। ना कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव जब एकदम सिर पर आ जाएं तब। अगर आप ऐसा करेंगे तो लोग आपसे यह पूछना खत्म कर देंगे कि ‘आपको चुनाव में ही हमारी याद क्यों आती है?'

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राकांपा प्रमुख ने संघ की सक्रियता को राजनीति के अपने अनुभवी चश्में से भांपते हुए अपने कार्यकर्ताओं को विविरण देकर सारी कार्यशैली समझाने की कोशिश भी कि और कहा कि पार्टी के लोगों को यह देखना चाहिए कि आरएसएस के कार्यकर्ता किस तरह से काम करते हैं। अगर वो पांच घरों तक जाते हैं और उनमें से कोई एक घर बंद होता है तो वो दोबारा आते हैं। कार्यकर्ता तब तक आते रहते हैं जब तक कि उस घर के लोगों तक वो अपना संदेश नहीं पहुंचा दें। 

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गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2019 में राकांपा ने महाराष्ट्र में केवल चार सीटों पर ही जीत दर्ज की थी और उसकी सहयोगी कांग्रेस को केवल एक सीट पर ही जीत मिलीष वहीं, बीजेपी-शिवसेना गठबंधन ने कुल 48 में से 41 सीटों पर जीत दर्ज की।

 

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