Pakistan का 'बाल जासूस' Terror Plot! Ghaziabad में 5 नाबालिगों पर NIA ने कसा शिकंजा

जांच अपने हाथ में लेने के बाद, एनआईए ने पाया कि इन पांच नाबालिगों ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों को संवेदनशील प्रतिष्ठानों की तस्वीरें और वीडियो, साथ ही उनके सटीक जीपीएस निर्देशांक प्राप्त करने में सहायता की थी, जिसका उद्देश्य भारत की संप्रभुता, एकता, अखंडता और सुरक्षा को खतरे में डालना था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को कानून से संघर्ष कर रहे पांच नाबालिगों (जेसीएल) के खिलाफ पाकिस्तान से जुड़े आतंकी षड्यंत्र के मामले में अपनी जांच रिपोर्ट दाखिल की। इस षड्यंत्र में भारत की सुरक्षा को खतरे में डालने के इरादे से संवेदनशील स्थानों की जासूसी करने का आरोप है। एनआईए ने बीएनएस 2023, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और यूए (पी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट दाखिल की है। विज्ञप्ति के अनुसार, गाजियाबाद जासूसी मामले में अब तक कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह मामला मूल रूप से स्थानीय पुलिस द्वारा मार्च 2026 में रेलवे स्टेशनों के संवेदनशील स्थलों पर सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे लगाने और इन कैमरों से पाकिस्तान में संदिग्ध आतंकवादियों को लाइव प्रसारण उपलब्ध कराने के आरोप में दर्ज किया गया था।
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जांच अपने हाथ में लेने के बाद, एनआईए ने पाया कि इन पांच नाबालिगों ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों को संवेदनशील प्रतिष्ठानों की तस्वीरें और वीडियो, साथ ही उनके सटीक जीपीएस निर्देशांक प्राप्त करने में सहायता की थी, जिसका उद्देश्य भारत की संप्रभुता, एकता, अखंडता और सुरक्षा को खतरे में डालना था। एनआईए की जांच में आगे पता चला कि नाबालिगों ने अवैध रूप से निषिद्ध/संवेदनशील महत्वपूर्ण क्षेत्रों में घुसपैठ की, उनके पास पहुंचे और उनमें प्रवेश किया। उन्होंने जासूसी कैमरे लगाने और संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों को जियो-टैगिंग सहित तस्वीरें और वीडियो जैसी संवेदनशील जानकारी भेजने में सक्रिय सहयोग प्रदान किया था। नाबालिगों ने संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों को भारतीय धरती पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारतीय सिम कार्ड प्राप्त करने और उनका उपयोग करने में भी सहायता की थी। मामले में शेष गिरफ्तार आरोपियों और अन्य संदिग्धों के खिलाफ जांच जारी है।
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इससे पहले 16 मई को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कंबोडिया में मानव तस्करी और साइबर गुलामी के एक मामले में फरार मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। शुक्रवार को पटना (बिहार) स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दायर आरोपपत्र में मुख्य आरोपी आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह और चार अन्य सह-आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। आरोपपत्र में शामिल तीन सह-आरोपी, उत्तर प्रदेश के अभय नाथ दुबे और रोहित यादव तथा बिहार के अभिरंजन कुमार को इस साल फरवरी में कंबोडिया से पटना पहुंचने पर गिरफ्तार किया गया था। पांचवें आरोपी, प्रहलाद कुमार सिंह को जमानत मिल चुकी है।
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