नौकरी के नाम पर Cambodia में Human Trafficking, मास्टरमाइंड समेत 5 पर NIA का शिकंजा।

जांचकर्ताओं ने आनंद कुमार सिंह को इस रैकेट का सरगना बताया, जो भारत भर में एजेंटों और यात्रा दलालों के माध्यम से काम करता था और कंबोडिया में स्थित अपने सहयोगियों के साथ समन्वय स्थापित करता था। एनआईए के अनुसार, आरोपी पीड़ितों को दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश कंबोडिया ले जाकर उन्हें धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों को 2,000 से 3,000 अमेरिकी डॉलर प्रति व्यक्ति के हिसाब से बेच देता था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर गुलामी रैकेट में फरार सरगना समेत पांच लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि इस रैकेट में भारतीय युवाओं को फर्जी नौकरी के लालच देकर विदेश भेजा गया और उनके साथ क्रूर दुर्व्यवहार किया गया। पटना स्थित विशेष एनआईए अदालत में आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह और चार अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है। इन पर आरोप है कि वे एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े हैं, जो कथित तौर पर भारतीय युवाओं को आकर्षक नौकरियों और वेतन का लालच देकर कंबोडिया भेजता था। जांचकर्ताओं ने आनंद कुमार सिंह को इस रैकेट का सरगना बताया, जो भारत भर में एजेंटों और यात्रा दलालों के माध्यम से काम करता था और कंबोडिया में स्थित अपने सहयोगियों के साथ समन्वय स्थापित करता था। एनआईए के अनुसार, आरोपी पीड़ितों को दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश कंबोडिया ले जाकर उन्हें धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों को 2,000 से 3,000 अमेरिकी डॉलर प्रति व्यक्ति के हिसाब से बेच देता था।
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एजेंसी ने बताया कि कंबोडिया पहुंचने के बाद इन युवकों को साइबर धोखाधड़ी के धंधों में धकेल दिया गया। उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए गए और विरोध करने पर उन्हें कथित तौर पर मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी गईं। जांचकर्ताओं ने बताया कि इस दुर्व्यवहार में बिजली के झटके देना, कैद करना और भोजन-पानी से वंचित रखना शामिल था। तीन आरोपियों उत्तर प्रदेश के अभय नाथ दुबे और रोहित यादव,और बिहार के अभिरंजन कुमार को इस साल फरवरी में कंबोडिया से दिल्ली पहुंचने के बाद गिरफ्तार किया गया था। एक अन्य आरोपी, प्रहलाद कुमार सिंह, फिलहाल जमानत पर बाहर है। एनआईए ने बताया कि आरोपी संगठित मानव तस्करी गिरोह का हिस्सा थे, जो भारतीय युवाओं को विदेशों में वैध रोजगार का लालच देकर उन्हें कंबोडिया में चल रहे साइबर धोखाधड़ी केंद्रों में फंसाते थे। एजेंसी ने आगे कहा कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और साजिश के पूरे दायरे का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
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