बिहार विधान सभा में नीतीश कुमार ने आपा खोया, तेजस्वी पर जमकर बसरे

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 27, 2020   20:06
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बिहार विधान सभा में नीतीश कुमार ने आपा खोया, तेजस्वी पर जमकर बसरे

यादव ने अपने भाषण में हत्या के एक मामले का जिक्र किया जिसमें कुमार के आरोपी होने की बात कही, साथ ही उन्होंने कुमार पर जेएनयू के एक छात्र द्वारा साहित्यिक चोरी के आरोप का जिक्र किया जिसे पटना के एक थिंक टैंक ने प्रकाशित किया और मुख्यमंत्री ने उसे प्रस्तावित किया।

पटना। बिहार विधानसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के आरोपों और कटाक्षों पर अपने स्वभाव के विपरीत बिफर पड़े। कुमार को चार कार्यकाल के दौरान पद पर रहते हुए संयत बरतने और धीर-गंभीर स्वभाव का माना जाता है लेकिन शुक्रवार को वह खड़े होकर सदन में चिल्लाए कि ‘झूठ बोल रहे हैं यह।’ राजद के 31 वर्षीय नेता ने अपने करीब एक घंटे के भाषण में कुमार पर कई निजी हमले किए और आरोप लगाए लेकिन मुख्यमंत्री ने कुछ नहीं बोला। जद (यू) के नेता और संसदीय मामलों के मंत्री विजय कुमार चौधरी जब बयान दे रहे थे तब तेजस्वी ने बीच में टोका जिस पर मुख्यमंत्री बिफर पड़े। यादव ने अपने भाषण में हत्या के एक मामले का जिक्र किया जिसमें कुमार के आरोपी होने की बात कही, साथ ही उन्होंने कुमार पर जेएनयू के एक छात्र द्वारा साहित्यिक चोरी के आरोप का जिक्र किया जिसे पटना के एक थिंक टैंक ने प्रकाशित किया और मुख्यमंत्री ने उसे प्रस्तावित किया।

इसके अलावा सृजन घोटाले में भी उनपर आरोप का जिक्र किया जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। चौधरी ने इन सभी आरोपों से इंकार किया। यादव अपनी सीट पर खड़े हुए और कहा ,‘‘ यह गंभीर मामला है जिसे मैंने तथ्यों के आधार पर उठाया है। क्या यह सच नहीं है कि मुख्यमंत्री को हत्या के एक मामले में जुर्माना भरना पड़ा था।’’ युवा नेता की बात पर मुख्यमंत्री खड़े हुए और तेज़ आवाज़ में बोले कि वह (तेजस्वी) झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा,‘‘मैं आसन को चुनौती देता हूं कि बयान की सत्यता की जांच की जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए। मैं चुपचाप इसलिए सुन रहा हूं कि वह मेरे दोस्त के बेटे हैं जिन्हें मैं अपना भाई मानता हूं।’’ कुमार ने गुस्से में कहा ,‘‘क्या उन्हें पता है कि उनके पिता (लालू यादव) किस तरह से मुख्यमंत्री बने? क्या वह भूल गए कि उन्हें उपमुख्यमंत्री किसने बनाया? मैंने उनसे रास्ता इसलिए अलग कर लिया कि चीजों का जवाब देने की मेरी सलाह को वह नहीं मानते थे।’’ 

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कुमार ने सदन में हंगामे के बीच कहा ,‘‘जब मैं उनसे (यादव) चीजों को स्पष्ट करने के लिए कहता था तो वह नहीं करते थे क्योंकि वह नहीं कर सकते थे। अब उनके खिलाफ आरोपपत्र भी दायर हो गया है। आप (यादव) क्या बकवास कर रहे हैं? क्या मैं आपको नहीं जानता हूं?’’ विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने 30 मिनट के लिए सदन स्थगित कर दी। बाद में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कुमार ने राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस में उस तरह से जवाब दिया जिस तरह से सरकार देती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी आकांक्षाएं पूरी करने का हक है लेकिन मार्यादा का उल्लंघन नहीं करना चाहिए।





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दिल्ली हिंसा को केजरीवाल ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, छह राज्यों में चुनाव लड़ने का भी किया ऐलान

  •  अंकित सिंह
  •  जनवरी 28, 2021   13:58
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दिल्ली हिंसा को केजरीवाल ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, छह राज्यों में चुनाव लड़ने का भी किया ऐलान

आम आदमी पार्टी की 9वीं राष्ट्रीय परिषद को संबोधित करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यूपी के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मनीष सिसोदिया को चुनौती दी कि आए और हमारे साथ बहस करे। जब मनीष जी पहुंचे तो वो भाग खड़े हुए।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि अगले 2 साल में उनकी पार्टी 6 राज्यों में विधानसभा का चुनाव लड़ेगी। यह छह राज्य उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, और गुजरात हैं। आम आदमी पार्टी की 9वीं राष्ट्रीय परिषद को संबोधित करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यूपी के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मनीष सिसोदिया को चुनौती दी कि आए और हमारे साथ बहस करे। जब मनीष जी पहुंचे तो वो भाग खड़े हुए। इन्होंने काम किया ही नहीं। जब मनीष जी स्कूल देखने के लिए गए तो पुलिस ने उन्हें वही रोक लिया। इससे पता चलता है कि स्कूल की ज़्यादा हलत खराब है, जिस स्कूल को उन्हें दिखाने में डर लग रहा वहां हमारे करोड़ो बच्चे पढ़ रहे हैं।

दिल्ली हिंसा पर बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 26 जनवरी को जो हुआ वो दुर्भाग्यपूर्ण था। उसके असली गुनहगारों को सज़ा होनी चाहिए। फ़र्ज़ी केस पर केस नही होने चाहिए। किसानों के मुद्दे अभी खत्म नहीं हुए है, किसान आंदोलन खत्म नहीं होगा। हम सब को किसानों का साथ देना हैं। आज देश का किसान बहुत दुखी है। 70 साल से सभी राजनीतिक पार्टियों ने किसानों को धोखा दिया है। अब ये जो 3 बिल आए है, ये तीनों बिल किसानों से खेती छीन कर चंद पूंजीपतियों को सौंप देंगे। 





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किसान आंदोलन के खिलाफ उतरे गांव वाले, सिंघु बॉर्डर खाली करने को कहा

  •  अभिनय आकाश
  •  जनवरी 28, 2021   13:56
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किसान आंदोलन के खिलाफ उतरे गांव वाले, सिंघु बॉर्डर खाली करने को कहा

सिंघु बॉर्डर पर गांव वालों ने नारेबाजी की है। इसके साथ ही गांव वालों ने हाइवे को खाली करते की मांग की है। लाल किले में झंडा फराने जाने कि वजह से गांव वालों में बेहद नाराजगी देखने को मिली है।

दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसक वारदात के बाद लोगों में भी इलका रोष दिखाई दे रहा है। बीते दिनों दिल्ली-जयपुर पर बैठे किसानों को स्थानीय लोगों ने अल्टीमेटल दिया। अब सिंघु बॉर्डर पर भी किसानों को लेकर रोष दिखाई देने लगा है। खबरों के अनुसार सिंघु बॉर्डर पर गांव वालों ने नारेबाजी की है। इसके साथ ही गांव वालों ने हाइवे को खाली करते की मांग की है। लाल किले में झंडा फराने जाने कि वजह से गांव वालों में बेहद नाराजगी देखने को मिली है। गांव वालों का कहना है कि लाल किले पर जिस तरह से तिरंगे का अपमान हुआ है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें: दिल्‍ली हिंसा में घायल जवानों से मिले गृह मंत्री अमित शाह, जाना हालचाल

गौरतलब है कि दिल्ली में रिपब्लिक डे के दिन जगह-जगह हुई हिंसक वारदात और लाल किले पर निशान साहेब का झंडा फहराए जाने के बाद जगह-जगह लोगों में गुस्सा है। इससे पहले दिल्ली-जयपुर हाइवे पर मसानी बैराज के पास बैठे किसानों को स्थानीय लोगों के भारी विरोध के बाद वापस लौटना पड़ा था। दिल्ली में हुई घटना से स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा था और ग्रामीणों ने पंचायत कर प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम दिया था। 





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दिल्‍ली हिंसा में घायल जवानों से मिले गृह मंत्री अमित शाह, जाना हालचाल

  •  अंकित सिंह
  •  जनवरी 28, 2021   13:35
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दिल्‍ली हिंसा में घायल जवानों से मिले गृह मंत्री अमित शाह, जाना हालचाल

किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा की घटनाओं में करीब 400 पुलिसकर्मी घायल हो गए। किसान नवंबर से ही केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए पुलिस कर्मियों से मुलाकात की। गृह मंत्री ने सुश्रुत ट्रामा सेंटर और तीरथ राम अस्पताल का दौरा किया। दोनों अस्पताल सिविल लाइंस में स्थित हैं।

किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा की घटनाओं में करीब 400 पुलिसकर्मी घायल हो गए। किसान नवंबर से ही केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ट्रैक्टर परेड में हिंसा में किसान नेताओं की भूमिका की जांच की जाएगी। हिंसा और तोड़-फोड़ में दिल्ली पुलिस के 394 कर्मी घायल हुए हैं। दिल्ली के पुलिस आयुक्त एस. एन. श्रीवास्तव ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि किसान यूनियनों ने ट्रैक्टर परेड के लिए तय शर्तों का पालन नहीं किया। परेड दोपहर 12 बजे से शाम पांच बजे के बीच होनी थी और उसमें 5,000 टैक्टरों को शामिल होना था। 





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