अखिलेश यादव के साथ किसी तरह का कोई गठबंधन नहीं, दलितों का किया अपमान: भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर

अखिलेश यादव के साथ किसी तरह का कोई गठबंधन नहीं, दलितों का किया अपमान: भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यह उम्मीद लगायी जा रही थी कि उत्तर प्रदेश की भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करने वाली है लेकिन भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर ने शनिवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन नहीं करेगी।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यह उम्मीद लगायी जा रही थी कि उत्तर प्रदेश की भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद  समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करने वाली है लेकिन भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर ने शनिवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन नहीं करेगी। चंद्रशेखर ने ऐलान किया है कि वह किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं कर रहे हैं वह राज्य में अकेले के दम पर लड़ाई लड़ेंगे। चंद्रशेखर ने समाजवादी पार्टी से किसी भी तरह का गठबंधन न करने के ऐलान के दौरान चंद्रशेखर ने अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला और कहा कि अखिलेश ने दलितों का अपमान किया है। दलित किसी की दया के मोहताज नहीं है। वह अपनी लड़ाई अकेले दम पर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव दलितों को गंभीरता से नहीं लेते है। उन्होंने बार बार पार्टी को बुलाया लेकिन सही तरीके से मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और आखिर में मुझे लगा कि अखिलेश यादव को चुनाव में दलितों की जरूरत नहीं हैं।

इसे भी पढ़ें: India COVID-19 cases | 24 घंटे में 2,68,833 ताजा मामले, 402 लोगों की मौत, ओमीक्रॉन के मामलों की बढ़ने लगी संख्या 

आपको बता दें कि आटकलें यह कि भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर सकते हैं। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव और चंद्रशेखर आजाद शनिवार को दोपहर 12.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे लेकिन सुबह चंद्रशेखर ने ऐलान किया कि वह अकेले ही पीसी करेंगे। इस दौरान ही अखिलेश यादव के साथ किसी भी तरह का कोई गठंबंधन नहीं करने का ऐलान किया।

इसे भी पढ़ें: दलित राजनीति के दम पर चार बार यूपी की मुख्यमंत्री बनीं मायावती, शानदार रहा है राजनीतिक सफर 

पिछले लगातार कुछ समय से चल रही अखिलेश यादव के साथ मुलाकात पर चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा था कि "गठबंधन की पुष्टि हो गई है। इसलिए मैं वहां जा रहा हूं [प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए]। मैं सुबह 10 बजे प्रेस को बताऊंगा कि किन शर्तों पर सब कुछ तय किया गया है। आजाद ने सपा के साथ सीट बंटवारे के समझौते के बारे में ब्योरा देने से भी परहेज किया।

हालांकि, पुलिस ने आजाद को उनके लखनऊ कार्यालय में कोविड -19 प्रतिबंध और धारा 144 के मद्देनजर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में पहले पार्टी को नोटिस जारी किया था लेकिन पार्टी ने इसे नजरअंदाज कर दिया। बाद में पार्टी को पुलिस से बात करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की इजाजत दी गई।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।