अभय चौटाला के इस्तीफे के बाद 25 सालों के इतिहास में पहली बार INLD का एक भी विधायक नहीं है

अभय चौटाला के इस्तीफे के बाद 25 सालों के इतिहास में पहली बार INLD का एक भी विधायक नहीं है

इनेलो के एकमात्र विधायक अभय चौटाला इस्तीफा देने ट्रैक्टर से विधानसभा भवन पहुंचे। आईएनएलडी का अब विधानसभा में प्रतिनिधित्व नहीं है, लेकिन ऐसा चौटला परिवार के बारे में नहीं कहा जा सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के छोटे बेटे 57 वर्षीय अभय चौटाला ने नरेंद्र मोदी सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में इस्तीफा दे दिया। 25 वर्षों के राजनीतिक इतिहास में ऐसा पहली बार होगा की राज्य की राजनीति में आइएनएलडी का एक भी विधायक सदन में मौजूद नहीं है। इनेलो के एकमात्र विधायक अभय चौटाला इस्तीफा देने ट्रैक्टर से विधानसभा भवन पहुंचे। उन्होंने अपना इस्तीफा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता को सौंपा जिसके बाद इसे स्वीकार कर लिया गया। 

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आईएनएलडी 1996 में अस्तित्व में आई जब पूर्व उप प्रधानमंत्री और अपने पिता द्वारा स्थापित लोक दल का नाम बदलकर ओम प्रकाश चौटाला ने इंडियन नेशनल लोक दल कर दिया। देवीलाल ने दो बार और ओम प्रकाश ने चार बार मुख्यमंत्री के रूप में शासन किया। हालांकि आईएनएलडी का अब विधानसभा में प्रतिनिधित्व नहीं है, लेकिन ऐसा चौटला परिवार के बारे में नहीं कहा जा सकता है। चौटाला परिवार में फूट और पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते ओम प्रकाश चौटाला के बड़े बेटे अजय चौटाला का पार्टी से निष्कासन। फिर शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में चौटाला और उनके बेटे को 10-10 साल की सजा। इस दौर में पार्टी का विभाजन भी हुआ। जिसके बाद अजय चौटाला ने अपने बेटे दुष्यंत और दिग्विजय के साथ अक्टूबर 2018 में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) की स्थापना की।

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2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में जेजेपी ने राज्य विधानसभा की 90 में से 10 सीटें जीतीं। दुष्यंत वर्तमान में भाजपा के साथ गठबंधन में हरियाणा के उप मुख्यमंत्री हैं। जेजेपी विधायकों में अजय चौटाला की पत्नी और दुष्यंत की माँ नैना चौटाला भी शामिल हैं। विधानसभा में एक और चौटाला देवीलाल के सबसे छोटे बेटे और रानिया निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय रणजीत सिंह चौटाला हैं। उन्होंने और कुछ अन्य निर्दलीय विधायकों ने सरकार बनाने में भाजपा का समर्थन किया। वह वर्तमान में राज्य के बिजली मंत्री हैं। 





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