अब समुद्र में भारत की ताकत बढ़ाएंगे ये दो पोत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की स्वदेशी युद्धपोतों की लॉन्चिंग

rajnath
ANI
अभिनय आकाश । May 17, 2022 12:22PM
बई में भारतीय नौसेना के विध्वंसक युद्धपोत आईएनएस सूरत और युद्धपोत आईएनएस उदयगिरी के शुभारंभ कार्यक्रम में बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कोविड और यूक्रेन में चल रहे उथल पुथल के बीच इन विध्वंसकों का निर्माण व शुभारंभ हमारी समुद्री क्षमता और आत्मनिर्भरता की एक मिसाल है।

स्वदेशी युद्धपोत निर्माण के क्षेत्र में भारत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। आज मुंबई के मझगांव डॉकयार्ड में दो स्वदेशी युद्धपोत लॉन्च किए गए और इस दौरान खुद देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी रही। भारतीय वायुसेना युद्धपोत आईएनएस सूरत (यार्ड 12707) और आईएनएस उदयगिरी (यार्ड 12652) के जरिए पूरी दुनिया को अपनी समुद्री ताकत दिखाई गई। दोनों ही युद्धपोतों की डिजाइन नौसेना के नेवल डिजाइन निदेशालय ने तैयार किया है। मुंबई में भारतीय नौसेना के विध्वंसक युद्धपोत आईएनएस सूरत और युद्धपोत आईएनएस उदयगिरी के शुभारंभ कार्यक्रम में बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कोविड और यूक्रेन में चल रहे उथल पुथल के बीच इन विध्वंसकों का निर्माण व शुभारंभ हमारी समुद्री क्षमता और आत्मनिर्भरता की एक मिसाल है। 

इसे भी पढ़ें: राजनाथ बोले- 2014 के बाद विश्व पटल पर बढ़ी भारत की विश्वसनीयता, महंगाई को लेकर दिया यह बड़ा बयान

रडार को चकमा देने में सक्षम

बता दें कि प्रोजेक्ट 15बी श्रेणी के जहाज भारतीय नौसेना की अगली पीढ़ी के स्टेल्थ (रडार को चकमा देने में सक्षम) निर्देशित मिसाइल विध्वंसक हैं जिन्हें मुंबई में मझगांव डॉक्स लिमिटेड (एमडीएल) में बनाया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि ‘सूरत’ प्रोजेक्ट 15बी विध्वंसक का चौथा जहाज है, जो पी15ए (कोलकाता श्रेणी) विध्वंसक के एक महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत करता है। अधिकारी ने कहा कि सूरत जहाज को ब्लॉक निर्माण पद्धति का उपयोग करके बनाया गया है जिसमें दो अलग-अलग भौगोलिक स्थानों पर ढांचों का निर्माण शामिल है और इसे एमडीएल में एक साथ जोड़ा गया है। 

इसे भी पढ़ें: सीमाओं की रक्षा करने वालों को सुविधाएं मुहैया कराना सर्वोच्च प्राथमिकता : राजनाथ

‘उदयगिरि’ पोत का नाम आंध्र प्रदेश की पर्वत श्रृंखला के नाम पर रखा गया 

इस श्रेणी का पहला जहाज 2021 में नौसेना में शामिल किया गया था। दूसरे और तीसरे जहाजों का जलावतरण हो चुका है और वे परीक्षण के विभिन्न चरणों में हैं। ‘उदयगिरि’ पोत का नाम आंध्र प्रदेश की पर्वत श्रृंखला के नाम पर रखा गया है। यह प्रोजेक्ट 17ए फ्रिगेट्स के तहत तीसरा पोत है। यह पी17 फ्रिगेट (शिवालिक श्रेणी) का उन्नत संस्करण है जिसमें बेहतर हथियार और सेंसर तथा मंच प्रबंधन प्रणाली लगी हैं। 15बी और पी17ए दोनों जहाजों का डिजाइन नौसेना डिजाइन निदेशालय द्वारा तैयार किया गया है। 

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़