INDIA Bloc Meeting में बना था Modi को घेरने का प्लान, मगर Omar Abdullah ने तो प्रधानमंत्री की जमकर तारीफ कर दी

Modi Omar
ANI

उमर अब्दुल्ला ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के साथ जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था, विकास कार्यों की गति और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर के आर्थिक विकास को गति देने के लिए लगातार सहयोग जारी रखने की मांग की।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राज्य का दर्जा बहाल करने समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग लगातार तेज हो रही है और सभी राजनीतिक दल केंद्र सरकार से इस संबंध में जल्द फैसला लेने की अपील कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर जम्मू-कश्मीर में सत्तारुढ़ नेशनल कांफ्रेंस राष्ट्रीय राजधनी दिल्ली में एक बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी में भी है।

उमर अब्दुल्ला ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के साथ जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था, विकास कार्यों की गति और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर के आर्थिक विकास को गति देने के लिए लगातार सहयोग जारी रखने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में संपर्क व्यवस्था मजबूत करने, रोजगार के अवसर पैदा करने, आधारभूत ढांचे का विस्तार करने और आम लोगों के कल्याण के लिए केंद्र का सहयोग बेहद जरूरी है।

इसे भी पढ़ें: Farooq Abdullah ने PM Modi को याद दिलाया वादा, कहा- Jammu Kashmir को Statehood का इंतजार है

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार 12 वर्ष तक पद पर बने रहने की उपलब्धि के लिए बधाई भी दी। उमर अब्दुल्ला की यह टिप्पणी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि विपक्षी दलों के कई नेता केंद्र सरकार की नीतियों पर लगातार हमलावर रहे हैं, जबकि उमर ने कई मुद्दों पर संतुलित और सहयोगात्मक रुख अपनाया है। उमर अब्दुल्ला की यह टिप्प्णी इसलिए भी चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि उन्होंने हाल ही में दिल्ली में विपक्षी गठबंधन इंडिया की बैठक में हिस्सा लिया था जिसमें मोदी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई थी।

प्रधानमंत्री से मुलाकात से एक दिन पहले उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी नई दिल्ली में मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने कश्मीर घाटी में रेल सेवाओं को और मजबूत करने की मांग उठाई। विशेष रूप से उन्होंने अक्टूबर में श्रीनगर हवाई अड्डे के 16 दिनों तक बंद रहने की अवधि को देखते हुए अतिरिक्त रेल सेवाएं शुरू करने का अनुरोध किया। जानकारी के अनुसार उस समय हवाई अड्डे पर रनवे की मरम्मत और रखरखाव का काम किया जाएगा, जिससे हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने यात्रियों की सुविधा के लिए रेल सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया।

इसी बीच, उमर अब्दुल्ला के हालिया बयान ने राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन संकट की आशंकाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर है। उन्होंने कहा कि यूरोप के कुछ हिस्सों में विमानन ईंधन सीमित मात्रा में दिया जा रहा है, जबकि पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देश में विमानों को ईंधन उपलब्ध कराने में कठिनाइयां सामने आ रही हैं। इसके मुकाबले भारत की स्थिति काफी बेहतर है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध जल्द समाप्त होगा ताकि वैश्विक स्तर पर पैदा हो रही चिंताओं का समाधान हो सके।

उमर अब्दुल्ला के इस बयान की केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने खुलकर सराहना की। रिजिजू ने उन्हें एक समझदार नेता बताते हुए कहा कि कुछ लोगों को उमर अब्दुल्ला से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन राष्ट्रीय संकट के समय सभी को एकजुट होकर देशहित में सोचने की जरूरत होती है। रिजिजू की यह टिप्पणी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि देश की राजनीति में अलग अलग दलों के नेताओं के बीच इस तरह की सार्वजनिक सराहना कम ही देखने को मिलती है।

बहरहाल, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उमर अब्दुल्ला का हालिया रुख जम्मू कश्मीर की राजनीति में एक संतुलित और व्यावहारिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। एक ओर वह राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को मजबूती से उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर संतुलित बयान देकर संवाद और सहयोग की राजनीति को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। 

All the updates here:

अन्य न्यूज़