Prabhasakshi NewsRoom: Sudan से सुरक्षित लौट रहे भारतीयों ने कहा- Modi है तो मुमकिन है

Operation Kaveri
ANI

भारत ने अपनी नौसेना के जहाजों और वायुसेना के विमानों को पहले ही आपात योजना के तहत जेद्दा में तैनात कर रखा था इसलिए जैसे ही संघर्षविराम हुआ वैसे ही भारतीयों की सुरक्षित निकासी का अभियान ऑपरेशन कावेरी शुरू हो गया।

हिंसाग्रस्त सूडान में 3000 से ज्यादा भारतीयों के फंसे होने की खबर जैसे ही सामने आई, वैसे ही भारत सरकार ने अपने लोगों को बचाने के लिए प्रयास शुरू कर दिये थे। प्रधानमंत्री से लेकर विदेश मंत्री ने एक-एक भारतीय की जान की चिंता करते हुए उनको सुरक्षित निकालने की रूपरेखा बनाई। इसके बाद मोदी सरकार ने ऑपरेशन कावेरी शुरू करने का ऐलान कर एक अनुभवी टीम को इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के काम पर लगा दिया गया। ऑपरेशन कावेरी की सफलता के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बाहरी मोर्चे पर सारा जिम्मा संभाला और हिंसा प्रभावित सूडान में तत्काल संघर्षविराम कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव को न्यूयॉर्क जाकर समझाया और आखिरकार भारत के प्रयास रंग लाये। जैसे ही सूडान में दोनों पक्ष 72 घंटे के संघर्षविराम पर सहमत हुए वैसे ही भारत समेत सभी देश अपने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने में लग गये।

भारत ने अपनी नौसेना के जहाजों और वायुसेना के विमानों को पहले ही आपात योजना के तहत जेद्दा में तैनात कर रखा था इसलिए जैसे ही संघर्षविराम हुआ वैसे ही भारतीयों की सुरक्षित निकासी का अभियान ऑपरेशन कावेरी शुरू हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे ऑपरेशन की खुद निगरानी कर रहे हैं और निकासी अभियान में सहयोग के लिए उन्होंने विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन को जेद्दा में तैनात कर दिया है। इस बीच, भारतीय नौसेना के जहाज भारतीयों को सूडान से निकाल भी रहे हैं और वहां भूख प्यास से परेशान भारतीयों के लिए खाने पीने का भरपूर सामान भी लेकर गये हैं ताकि उन्हें तत्काल राहत मिल सके। उधर, जो दृश्य सामने आ रहे हैं वह दर्शा रहे हैं कि नौसेना के जहाज और भारतीय वायुसेना के विमान में चढ़ता हर भारतीय भारत की सरकार और अपने देश का शुक्रिया अदा कर रहा है। हाथ में तिरंगा थामे जब भारतीय सूडान छोड़ रहे हैं तो अपने देश जल्द से जल्द पहुँचने की उनकी चाहत देखते ही बन रही है। यही नहीं, जिंदा बचने की आस छोड़ चुके भारतीय अब कह रहे हैं कि मोदी है तो सबकुछ मुमकिन है। नौसेना के जहाज आईएनएस सुमेधा और आईएनएस तेग तथा भारतीय वायुसेना के IAF C-130J विमान जैसे ही सूडान से निकल रहे हैं वैसे ही भारत माता की जय के नारे गूँज रहे हैं।

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इस बीच, खबर है कि भारत ने हिंसाग्रस्त सूडान से अब तक 500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। 278 नागरिकों के पहले जत्थे को नौसेना के जहाज आईएनएस सुमेधा के जरिये निकाला गया और वहां फंसे शेष भारतीयों के लिए जरूरी राहत सामग्री पहुंचायी गयी। इस बीच, विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन निकासी अभियान पर नजर रखने के लिए जेद्दा में कैम्प डाले हुए हैं। पोर्ट सूडान से 135 भारतीयों का तीसरा जत्था जब भारतीय वायुसेना के विमान से जेद्दा पहुंचा तो मंत्री ने सबका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने ट्वीट किया कि "जेद्दा पहुंचे सभी लोगों के लिए भारत की आगे की यात्रा जल्द ही शुरू होगी।" विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन ने निकासी अभियान के बारे में कहा है कि सूडान के बंदरगाह और जेद्दा में जरूरी आधारभूत ढांचा तैयार किया गया है। उन्होंने ट्वीट किया, ''सऊदी अरब के जेद्दा में आने के बाद ऑपरेशन कावेरी की टीम में शामिल हुआ और सूडान से भारतीयों को निकालने की व्यवस्था के लिए स्थापित नियंत्रण कक्ष में गया।’’ 

इस बीच, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट करके बताया है कि आईएनएस तेग सूडान के बंदरगाह पर पहुंच गया है। इसमें और अधिकारी तथा वहां फंसे भारतीयों के लिए राहत सामग्री है। इससे सूडान के बंदरगाह पर दूतावास के कैम्प कार्यालय द्वारा किये जा रहे निकासी प्रयासों को बल मिलेगा। हम आपको याद दिला दें कि रविवार को भारत ने कहा था कि हिंसा प्रभावित सूडान में फंसे भारतीयों को इस अफ्रीकी देश से सुरक्षित रूप से निकालने की अपनी आकस्मिक योजना के तहत जेद्दा में दो सी-130जे सैन्य परिवहन विमान उड़ान भरने के लिए तैयार रखे गए हैं। साथ ही, भारतीय नौसेना के एक जहाज आईएनएस सुमेधा को क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बंदरगाह पर रखा गया था। हम आपको यह भी याद दिला दें कि शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूडान से 3000 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित रूप से निकालने की आकस्मिक योजनाओं की तैयारी के निर्देश दिये थे।

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