Passport Fee में 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी 14 साल बाद की गई: Lok Sabha में बोली सरकार

सरकार ने लोकसभा को बताया कि पासपोर्ट शुल्क में हाल ही में की गई 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी 14 वर्ष के अंतराल के बाद की गई है। विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने लिखित उत्तर में बताया कि पासपोर्ट सेवाओं की लागत और परिचालन खर्च बढ़ने के कारण नियमों में संशोधन किया गया है। इसके तहत 36 पृष्ठ वाले नए सामान्य पासपोर्ट का शुल्क 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया है।
सरकार ने शुक्रवार को कहा कि पासपोर्ट शुल्क में हाल में की गई 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी 14 वर्ष बाद की गई है। सरकार ने लोकसभा को बताया कि पासपोर्ट और उससे संबंधित सेवाओं की लागत, परिचालन आवश्यकताओं और सेवा वितरण में सुधार की व्यापक समीक्षा के बाद समय-समय पर शुल्क संशोधित किया जाता है। विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि वर्ष 2012 में शुल्क के पिछले संशोधन के बाद बीते 14 वर्षों के दौरान विभिन्न मदों की लागत और सेवा उपलब्ध कराने पर आने वाले खर्च में वृद्धि हुई, जिसके कारण पासपोर्ट शुल्क में संशोधन आवश्यक हो गया।
सरकार ने हाल में पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन कर शुल्क ढांचे में बदलाव किया है। इसके तहत 36 पृष्ठ वाले सामान्य नये पासपोर्ट के आवेदन शुल्क को 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया है। संशोधित नियम एक जुलाई 2026 से प्रभावी हैं।
मंत्री ने बताया कि इससे पहले पासपोर्ट शुल्क में वर्ष 1971, 1980, 1993, 2002 और 2012 में बदलाव किया गया था।
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