ब्रिटेन से आए लोगों का जोरशोर से लगाया जा रहा है पता, राज्यों ने बढ़ाई सतर्कता

ब्रिटेन से आए लोगों का जोरशोर से लगाया जा रहा है पता, राज्यों ने बढ़ाई सतर्कता

फिलहाल 31 दिसंबर तक ब्रिटेन के लिए आने और जाने वाली उड़ान सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, दिल्ली ऐसे कई प्रदेश हैं जो वहां से आने वाले यात्रियों या अब तक जो यात्री आ चुके हैं उन पर पैनी नजर रखने की कोशिश में हैं।

कोरोना की मार झेल रही दुनिया एक बार फिर से सहमी हुई है। दरअसल, ब्रिटेन में कोरोना का नया स्वरूप मिलने के बाद अब एक बार फिर से पूरी दुनिया में कोरोना वायरस को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। लगभग 40 देशों ने अपनी यातायात सेवा ब्रिटेन के लिए रोक दी है। यानी कि ब्रिटेन का लगभग सभी बड़े देशों से फिलहाल संपर्क टूट गया है। भारत में भी कुछ इसी तरीके का परिदृश्य है। फिलहाल 31 दिसंबर तक ब्रिटेन के लिए आने और जाने वाली उड़ान सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, दिल्ली ऐसे कई प्रदेश हैं जो वहां से आने वाले यात्रियों या अब तक जो यात्री आ चुके हैं उन पर पैनी नजर रखने की कोशिश में हैं।

अगर आप पिछले 1 महीने के अंदर ब्रिटेन से लौटे हैं तो सरकार आपके दरवाजे पर पहुंच सकती है। आपको कोरोना वायरस संक्रमण की जांच करवानी पड़ सकती है। इतना ही नहीं, कई राज्यों ने तो ब्रिटेन से लौटने वाले लोगों के लिए 14 दिनों की क्वारंटाइन को जरूरी कर दिया है। पिछले दिनों ब्रिटेन से लौटे कई यात्री कोरोना संक्रमित निकले हैं। ऐसे में अब सरकार की ओर से निगरानी तेज कर दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों के साथ कोरोनावायरस के नए प्रकार को लेकर बैठक की और उन्हें इसके बारे में दिशा निर्देश दिया। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 22 दिसंबर को भी इसे लेकर एक एसपी जारी कर दी गई है। सूत्र बता रहे हैं कि दिल्ली सरकार उन यात्रियों पर पैनी नजर रखे हुए है जो पिछले  25 नवंबर के बाद ब्रिटेन से लौटे हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि ब्रिटेन से यहां आए लोगों का जोरशोर से पता लगाया जा रहा है और कोविड-19 जैसे कोई भी लक्षण होने पर जांच की जा रही है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि शहर में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार की स्थिति नियंत्रण में है और जांच में संक्रमण की पुष्टि होने की दर एक प्रतिशत से कम है। 

इसे भी पढ़ें: मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 1007 नए मामले, 12 लोगों की मौत

जैन ने कहा, ‘‘हम अपनी ओर से पूरी तरह सतर्क हैं। ब्रिटेन से पिछले कुछ दिनों में आए लोगों का जोरशोर से पता लगाया जा रहा है और कोविड-19 का कोई मामूली लक्षण होने पर भी जांच की जा रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ एक दल का गठन किया गया है और वह घर-घर जाकर लोगों का पता लगाया जा रहा है और उन्हें (ब्रिटेन से आए लोगों को) पृथक रहने का सुझाव भी दिया गया है।’’ कोविड-19 के नए प्रकार (स्ट्रेन) के खतरे और दिल्ली सरकार के उससे निपटने की तैयारी के बारे में पूछे जाने पर जैन ने कहा, ‘‘ केवल आईसीएमआर (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) और वैज्ञानिक ही इस नए ‘स्ट्रेन’ के बारे में बता सकते हैं। उनका कहना है कि यह कहीं अधिक तेजी से फैलता है और कुछ वैज्ञानिकों का अनुमान है कि भारत में कोरोना वायरस के प्रसार का स्तर पहले ही नए ‘म्यूटेटिव’ स्तर तक पहुंच चुका है।’’ उन्होंने कहा कि वायरस के किसी भी ‘स्ट्रेन’ से बचने का सबसे उचित तरीकामास्क पहनना और सुरक्षा नियमों का पालन करना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने कोविड-19 के टीके के लिए आवश्यक भंडारण गृह तथा साजो-सामान की तैयारी कर ली है और टीकारकण के लिए कर्मचारी भी प्रशिक्षित कर लिए गए हैं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...