उत्तराखंड चुनाव में करीब 62.5 प्रतिशत मतदान, 632 उम्मीदवारों की किस्मत को ईवीएम में कैद

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सौजन्या ने कहा कि कुछ जगहों पर ईवीएम मशीन और वीवीपैट में तकनीकी खराबी की सूचना मिली लेकिन उन्हें तत्काल सेक्टर मजिस्ट्रेट द्वारा रिजर्व मशीन से बदल दिया गया। उन्होंने बताया कि 11697में से 9385मतदान पार्टी सोमवार देर रात तक संग्रह केंद्रों तक लौट आएंगी जबकि शेष पार्टी मंगलवार तक लौट आएंगी।

देहरादून। उत्तराखंड में सभी 70 विधानसभा सीट के लिए सोमवार को हुए चुनाव में लगभग 62.5 फीसदी मतदान हुआ जहां मतदाताओं ने 632 उम्मीदवारों की किस्मत को ईवीएम में कैद कर दिया। उत्तराखंड की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि प्रदेश में सभी स्थानों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा और लगभग 62.5 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने हालांकिबताया कि मतदान प्रतिशत के वास्तविक आंकडे़ सभी मतदान पार्टी के संग्रह केंद्रों पर लौटने के बाद ही जारी किए जा सकेंगे। सौजन्या ने कहा कि कुछ जगहों पर ईवीएम मशीन और वीवीपैट में तकनीकी खराबी की सूचना मिली लेकिन उन्हें तत्काल सेक्टर मजिस्ट्रेट द्वारा रिजर्व मशीन से बदल दिया गया। उन्होंने बताया कि 11697में से 9385मतदान पार्टी सोमवार देर रात तक संग्रह केंद्रों तक लौट आएंगी जबकि शेष पार्टी मंगलवार तक लौट आएंगी। 

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सभी 13 जिलों में सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हुआ और शाम छह बजे मतदान का समय समाप्त होने तक मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लगी थीं। सौजन्या ने बताया कि शाम छह बजे तक मतदान केंद्रों पर पहुंचे मतदाताओं से मतदान कराया गया। वर्ष 2017 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में 65.56 फीसदी मतदान हुआ था जबकि वर्ष 2012 में 67.22 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। कई मतदान केंद्रों पर 100 वर्ष के बुजुर्ग भी अपना मत देने पहुंचे। बागेश्वर जिले के कपकोट विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र में 100 वर्षीय नारायण सिंह कपकोटी मतदान के लिए पहुंचे। जिला प्रशासन ने शॉल ओढ़ाकर उन्हें सम्मानित किया। 

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वहीं, कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर 100 वर्षीय विश्वेशरी देवी भी अपने नाती-पोतों के साथ छड़ी लेकर पहुंचीं और अपना वोट दिया। इसके अलावा, गर्भवती स्त्रियां और दिव्यांगजन डोली में बैठकर मतदान के लिए पहुंचे। उधर, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों से मिली सूचना के अनुसार, करीब 10 गांवों के मतदाताओं ने अपनी समस्याओं का समाधान न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मतदान का बहिष्कार किया। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और रमेश पोखरियाल निशंक और आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कोठियाल, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, योग गुरु रामदेव आदि प्रमुख लोग सबसे पहले मतदान करने वालों में शामिल रहे।

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