अनुच्छेद 370 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर होगी सुनवाई, जस्टिस एनवी रमणा की अध्यक्षता में पीठ गठित

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 28, 2019   15:41
अनुच्छेद 370 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर होगी सुनवाई, जस्टिस एनवी रमणा की अध्यक्षता में पीठ गठित

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्रशासित क्षेत्र बनाने का फैसला 31 अक्टूबर से अमल में आ जाएगा है। सज्जाद लोन के नेतृत्व वाली पीपुल्स कान्फ्रेंस, नेशनल कान्फ्रेंस समेत कई अन्य ने याचिकाएं दायर की हैं।

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए पांच न्यायधीशों की संवैधानिक पीठ का गठन किया है। पीठ की अध्यक्षता न्यायमूर्ति एन. वी. रमण करेंगे। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि पीठ अगले माह से अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने की संवैधानिकता और बाद में इस पर (निरसन को लेकर) जारी राष्ट्रपति के आदेश की वैधता पर सुनवाई शुरू करेगी।

संवैधानिक पीठ के पास आई कई याचिकाओं का हवाला देते हुए प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली एक पीठ ने अगस्त में कहा था कि एक विस्तृत पीठ इस मुद्दे पर अक्टूबर के पहले सप्ताह से सुनवाई शुरू करेगी। जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित क्षेत्रों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बाटंने के केंद्र सरकार के फैसले को लेकर कई याचिकाएं दायर की गई है।

इसे भी पढ़ें: योगी ने कश्मीरी छात्र-छात्राओं से की मुलाकात, कहा- जीवन में खुशहाली के लिए विकास जरूरी

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्रशासित क्षेत्र बनाने का फैसला 31 अक्टूबर से अमल में आ जाएगा है। सज्जाद लोन के नेतृत्व वाली पीपुल्स कान्फ्रेंस, नेशनल कान्फ्रेंस समेत कई अन्य ने याचिकाएं दायर की हैं। इनमें सबसे पहली याचिका अधिवक्ता एम एस शर्मा ने दायर की है। अनुच्छेद 370 के अलावा शीर्ष न्यायालय ने मौत की सजा के मामलों पर सुनवाई के लिए तीन जजों की पीठ गठित की है। वहीं दो अन्य पीठ भी गठित की गई हैं जो कर संबंधी मामलों की सुनवाई करेंगी। इनमें दो-दो जज होंगे। 





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...