PM Modi इंस्टाग्राम Reels पर व्यस्त? गौरव Gogoi बोले- NTA पर सरकार गंभीर नहीं

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने लोकसभा में 'एंटी पेपर लीक बिल' को मात्र दिखावा बताते हुए केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर न होने का आरोप लगाया। उन्होंने एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर छात्रों की चिंताओं को अनदेखा करने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने हालांकि इस विधेयक को छात्रों के हितों की रक्षा और परीक्षाओं की शुचिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा सरकार का पक्ष रखे जाने के बाद, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर बहस में विपक्ष की ओर से अपनी बात रखी। लोकसभा में पेपर लीक रोकने वाले बिल पर चर्चा के दौरान, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार पर देश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर गंभीर न होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सार्थक सुधार लाने को तैयार नहीं है।
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गोगोई ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बीजेपी द्वारा किए गए स्वागत की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा था मानो वे पाकिस्तान के साथ युद्ध लड़कर लौटे हों। गोगोई ने यह भी कहा कि प्रस्तावित कानून "पेपर लीक माफिया" को रोकने में असरदार साबित नहीं होगा। गोगोई ने पेपर लीक रोकने वाले बिल पर बहस के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कामकाज पर चिंता जताई। कथित गड़बड़ियों से निपटने के सरकार के तरीके पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि NTA में 34 अधिकारियों की मंज़ूरशुदा संख्या है। उन्होंने केंद्र से सफ़ाई मांगते हुए पूछा कि अगर ऐसा है, तो 47 अधिकारियों को कैसे हटाया जा सकता है।
लोकसभा में पेपर लीक विरोधी बिल पर बोलते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री छात्रों की चिंताओं को दूर करने के बजाय इंस्टाग्राम रील्स पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं। परीक्षा पेपर लीक संकट से प्रभावी ढंग से निपटने में केंद्र सरकार की विफलता का आरोप लगाते हुए गोगोई ने कहा कि सरकार को सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय शिक्षा प्रणाली में सार्थक सुधारों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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लोकसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर बहस की शुरुआत करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रस्तावित कानून 2024 में बने पेपर लीक-रोधी कानून को और मजबूत बनाता है। उन्होंने इसे स्वतंत्र भारत में अपनी तरह का पहला कानून बताया। उन्होंने कहा कि यह संशोधन छात्रों के हितों की रक्षा करने और सार्वजनिक परीक्षाओं की शुचिता सुनिश्चित करने के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराता है। उन्होंने आगे कहा कि साथ ही, यह प्रधानमंत्री मोदी के उस संकल्प को भी दोहराता है कि 'भारत माता' के बच्चों के भविष्य के साथ किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। इसलिए, एक तरह से इस विधेयक को भारतीय संसद के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने वाला कानून कहा जा सकता है।
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