PM Modi ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति Guy Parmelin को गुलमर्ग, कोणार्क और येऊर चीज किए भेंट

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत दौरे पर आए स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन को तीन विशेष भारतीय चीज और कश्मीरी अखरोट की नक्काशीदार लकड़ी का पैनल भेंट किया। स्विस राष्ट्रपति की पत्नी कैरोलीन को साडेली डिब्बे में रखा कच्छी शॉल उपहार स्वरूप दिया गया। इन भेंटों के माध्यम से भारत की समृद्ध हस्तशिल्प और चीज निर्माण कला का प्रदर्शन हुआ।
नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन को भारत के तीन विशेष चीज-गुलमर्ग, कोणार्क और येऊर तथा कश्मीरी अखरोट की लकड़ी का हाथ से नक्काशी किया हुआ दीवार पैनल भेंट किया। इन उपहारों के जरिए भारत में चीज बनाने और हस्तशिल्प की समृद्ध एवं लगातार विकसित हो रही परंपराओं को प्रदर्शित किया गया। पार्मेलिन ने भारत की तीन दिवसीय यात्रा सोमवार से शुरू की।
यह उनकी भारत की पहली राजकीय यात्रा है और इस वर्ष उनकी दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले वह फरवरी में एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने भारत आए थे। फ्रांसीसी शैली का चीज गुलमर्ग, पाश्चरीकृत गाय के दूध से बना दिल के आकार का मुलायम और क्रीमी ब्री चीज है।
इसकी बाहरी परत बर्फ जैसी सफेद होती है और इसमें मिट्टी एवं मशरूम जैसी खुशबू होती है। इसे अंतरराष्ट्रीय चीज और डेयरी उत्पाद प्रतियोगिता ‘2026 मुंडियल दो क्वेजो दो ब्राजील’ में ‘सुपर गोल्ड’ पुरस्कार मिला था। कोणार्क फ्रांसीसी ‘टॉम-स्टाईल’ चीज है, जिसकी प्राकृतिक बाहरी परत खुरदरी, बनावट लचीली और स्वाद मिट्टी जैसा तथा नमकीन होता है, जबकि अंत में नींबू जैसा स्वाद आता है।
इसे 2023 में नॉर्वे में आयोजित वर्ल्ड चीज अवॉर्ड्स में स्वर्ण और 2025 में स्विट्जरलैंड में रजत पदक मिला था। येऊर स्विस ग्रुइयेर से प्रेरित पहाड़ी शैली का चीज है, जिसे मीठे और जड़ी-बूटियों जैसे स्वाद विकसित करने के लिए करीब आठ से नौ महीने तक परिपक्व किया जाता है। गुलाब की पंखुड़ियों और सौंफ से सजाई गई इसकी बाहरी परत इसे विशिष्ट भारतीय पहचान देती है।
स्विट्जरलैंड दुनियाभर में चीज की अपनी विभिन्न किस्मों के लिए प्रसिद्ध है और भारत के इन तीन चीज ने देश में चीज बनाने की अपनी समृद्ध और लगातार विकसित हो रही परंपरा की झलक पेश की। अखरोट की लकड़ी का दीवार पैनल कश्मीर की सदियों पुरानी लकड़ी पर नक्काशी की विरासत को दर्शाता है। उच्च गुणवत्ता वाली हिमालयी अखरोट की लकड़ी से तैयार इस पैनल पर गहरी उभारदार नक्काशी हाथ से की गई है।
इसमें पारंपरिक परिदृश्य, वनस्पतियां, मानव आकृतियां, घोड़े, बग्घियां और ग्रामीण जीवन को दर्शाया गया है। यह पैनल कश्मीर की विशिष्ट कलात्मक परंपराओं को दर्शाता है, जिन्हें स्थानीय और मध्य एशियाई प्रभावों ने आकार दिया है। यह कश्मीरी कारीगरों के कौशल और शिल्पकला का भी सम्मान करता है।
मोदी ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति की पत्नी कैरोलीन पार्मेलिन को गुजरात की समृद्ध बुनाई और सजावटी शिल्प परंपराओं को प्रदर्शित करने वाला साडेली डिब्बे में रखा कच्छी शॉल भी भेंट किया। इससे पहले मोदी ने पार्मेलिन के साथ व्यापक बातचीत की, जिसमें भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को और मजबूत करने के नए अवसर तलाशे गए। इसमें खासतौर पर व्यापार और निवेश, आवागमन तथा महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र शामिल रहे।
पार्मेलिन की मोदी के साथ बातचीत से पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्विस नेता से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
अन्य न्यूज़













