• मिशन कश्मीर 2.0 पर PM मोदी की 3.45 घंटे लंबी बैठक, जानें मीटिंग की प्रमुख बातें

अभिनय आकाश Jun 24, 2021 19:23

प्रधानमंत्री के साथ सर्वदलीय बैठक के बाद पीडीपी (पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) के नेता मुजफ्फर हुसैन बेग ने कहा कि बैठक बहुत शानदार हुई। मैंने कहा कि 370 का मामला सु्प्रीम कोर्ट में है। सुप्रीम कोर्ट धारा 370 के मामले पर फ़ैसला करेगा। मैंने धारा 370 कि कोई मांग नहीं रखी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जम्मू कश्मीर के राजनीतिक दलों के साथ नई दिल्ली स्थित पीएम आवास पर करीब पौने चार घंटे लंबी चली बैठक खत्म हो गई। इस बैठक के दौरान 8 राजनीतिक दलों के 14 नेता शामिल थे. इसके साथ ही, जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा भी शामिल हुए। ये बैठक अपने आप में कितनी महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि पिछले लगभग दो सालों में पहली बार जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक नेतृत्व के साथ वार्ता का हाथ बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस केंद्रशासित प्रदेश के भविष्य की रणनीति का खाका तैयार करने के लिए वहां के नेताओं के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में जम्मू कश्मीर के विकास को लेकर राजनीतिक पार्टियों के योगदान को लेकर भी बात हुई है। सभी राजनीतिक दल चाहते थे कि वहां चुनाव हो और पूर्ण राज्य का दर्जा जम्मू कश्मीर को दिया जाए। पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने कि प्रक्रिया डिलेमिटेशन के बाद ही शुरू होगी। लेकिन परिसीमन आयोग का काम लगभग पूरा हो चुका है और बैठकों का दौर उधर भी जारी है। प्रधानमंत्री के साथ सर्वदलीय बैठक के बाद पीडीपी (पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) के नेता मुजफ्फर हुसैन बेग ने कहा कि बैठक बहुत शानदार हुई। मैंने कहा कि 370 का मामला सु्प्रीम कोर्ट में है। सुप्रीम कोर्ट धारा 370 के मामले पर फ़ैसला करेगा। मैंने धारा 370 कि कोई मांग नहीं रखी। बैठक के बाद जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अल्ताफ बुखारी ने कहा 370 का मामला सुप्रीम कोर्ट में है तो उस पर क्या बात होती। दुख तो हुआ इसकी शिकायत जरूर लोगों ने की लेकिन जब मामला  सुप्रीम कोर्ट में है तो उसका फैसला सुप्रीम कोर्ट करेगी।

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J&K को जल्द वापस मिले पूर्ण राज्य का दर्जा: गुलाम नबी आजाद 

पीएम मोदी के साथ बैठक के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बैठक में हमने कांग्रेस की तरफ़ से सरकार के सामने 5 बड़ी मांगे सरकार के सामने रखी। राज्य का दर्ज़ा जल्दी बहाल करे सरकार। हमने बैठक में कश्मीरी पंडितों को घाटी में बसाने की बात भी बोली। केंद्र सरकार जल्द से जम्मू-कश्मीर में चुनाव करवाएं। बैठक में अधिकतर पार्टियों ने कहा कि 370 का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। 

जम्मू कश्मीर के भविष्य के लिए मिलकर करेंगे काम

पीएम द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद रविंदर रैना ने कहा कि पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के सभी नेताओं को विश्वास दिलाया है कि जम्मू-कश्मीर के उज्ज्वल भविष्य के लिए सभी मिलकर कार्य करेंगे। जम्मू-कश्मीर की मजबूती और जनता की भलाई के लिए हर कार्य किया जाएगा जिससे लोगों का भला हो।

बैठक में हुई 5 बड़ी मांग

  • पूर्ण राज्य का दर्जा मिले 
  • विधानसभा चुनाव होने चाहिए 
  • डोमिसाइल पर गारंटी देनी चाहिए
  • कश्मीरी पंडितों को वापस बसाया जाए 
  • राजनीतिक कैदियों की रिहाई 

बैठक की बड़ी बातें

पूर्ण राज्य का दर्जा देने का आश्वासन दिया गया है।

कश्मीर में चुनाव कराने की बात पर चर्चा हुई है।

आर्टिकल 370 और 35 ए पर विस्तार से चर्चा हुई।  

पीएम ने हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करना पहली प्राथमिकता।  

370 को ख़त्म करने के फ़ैसले को हम स्वीकार नहीं करेंगे: अब्दुल्ला 

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक में कहा कि हम चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्ज़ा जल्द से जल्द मिले और वहां पर चुनाव भी जल्द से जल्द करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि हमने बैठक में कहा कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार के द्वारा 370 को ख़त्म करने के फ़ैसले को हम स्वीकार नहीं करेंगे। हम अदालत के जरिए 370 के मामले पर अपनी लड़ाई लडेंगे। लोग चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण रूप से राज्य का दर्ज़ा दिया जाए।

शांति के लिए सभी हितधारकों को चलना होगा साथ 

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह मीटिंग के बारे में बताते हुए कहा कि बैठक में पीएम ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सभी जगह विकास पहुंचे इसके लिए साझेदारी हो। विधानसभा चुनाव के लिए डिलिमिटेशन की प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा करना होगा ताकि हर क्षेत्र प्राप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व विधानसभा में प्राप्त हो सकें। डिलिमिटेशन की प्रक्रिया में सभी की हिस्सेदारी हो इसको लेकर बैठक में बातचीत हुई। बैठक में मौजूद सभी दलों ने इस प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए सहमति जताई। बैठक में पीएम ने इस बात पर भी जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर में शांति बनाए रखने के लिए सभी हितधारकों को साथ चलना होगा।